Bajaj Alternate Investment Management के CIO जितेंद्र गोहिल ने मिड-कैप IT और ऑटो कंपोनेंट कंपनियों को लंबी अवधि के लिए बेहतरीन निवेश थीम बताया है। एआई (AI) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग से ये सेक्टर निवेशकों को अच्छा मुनाफा दे सकते हैं।
IT सेक्टर में मिड-कैप का जलवा
IT सेक्टर को लेकर बाजार में सुस्ती के बावजूद, जितेंद्र गोहिल का मानना है कि मिड-कैप IT कंपनियां एक 'कोंट्रेरियन बेट' (contrarian bet) साबित हो सकती हैं। जहां बड़ी IT फर्में खर्चों के दबाव से जूझ रही हैं, वहीं फुर्तीली मिड-कैप कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सर्विस मॉडल की ओर तेजी से शिफ्ट हो रही हैं।
Auto Ancillaries: एक बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव
ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों का कायाकल्प हो रहा है। पिछले 10 सालों में हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग के दम पर इन कंपनियों का एक्सपोर्ट 3 गुना बढ़ा है। सबसे बड़ा ट्रिगर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) हैं, क्योंकि EV में पारंपरिक इंजन के मुकाबले 4 से 5 गुना ज्यादा पार्ट्स की जरूरत होती है।
फाइनेंशियल सेहत की बात करें तो टॉप कंपनियों का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 0.2x के आसपास है। कर्ज का कम बोझ इन कंपनियों को नई कैपेसिटी और R&D में निवेश करने की बड़ी आजादी देता है।
आर्थिक माहौल और चुनौतियां
घरेलू स्तर पर 8वें सेंट्रल पे कमीशन (8th Central Pay Commission) का लागू होना कंज्यूमर डिमांड को बूस्ट दे सकता है। हालांकि, अमेरिका में ब्याज दरों का दबाव और ग्लोबल मार्केट की अनिश्चितता एक जोखिम बनी हुई है। फिलहाल डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिपबिल्डिंग जैसे सेक्टर महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, इसलिए वहां निवेश करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
