SEBI के डेरिवेटिव नियमों में ढील के बाद Motilal Oswal ने BSE के शेयरों पर बुलिश रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक को 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹4,000 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो निवेशकों के लिए बड़ी खबर है।
रेगुलेटरी राहत का असर
बाजार नियामक SEBI ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। 7 दिसंबर, 2026 से इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लिए वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) सेटलमेंट को फिर से लागू किया जाएगा। यह कदम हाल ही में क्लोज-ऑक्शन सेशन को लेकर आए नियमों में एक आंशिक बदलाव है, जिसे पहले मार्केट वॉल्यूम घटने का मुख्य कारण माना जा रहा था।
ब्रोकरेज की उम्मीदें और टारगेट
इस खबर के बाद Motilal Oswal ने BSE पर अपना भरोसा जताया है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह नीतिगत बदलाव मार्केट में वॉल्यूम की रिकवरी के लिए एक 'कैटलिस्ट' का काम करेगा। डेटा पर नजर डालें, तो अगस्त में आई गिरावट के बाद अक्टूबर के अंत तक वॉल्यूम में 49% का उछाल दर्ज किया गया है। ब्रोकरेज ने इसे 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹4,000 का लक्ष्य तय किया है।
मजबूत फंडामेंटल्स
BSE का फाइनेंशियल प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 65% के स्तर को पार कर चुका है और उम्मीद है कि यह जल्द ही 70% तक पहुंच जाएगा। कंपनी के अन्य बिजनेस वर्टिकल्स का प्रदर्शन भी शानदार है:
- Star MF प्लेटफॉर्म: यहां हर तिमाही 24.5 करोड़ ट्रांजैक्शंस प्रोसेस हो रहे हैं।
- को-लोकेशन बिजनेस: इससे हर तीन महीने में करीब ₹48 करोड़ की स्थिर कमाई हो रही है।
- कैश मार्केट: यहां BSE की हिस्सेदारी 7% से बढ़कर 9% हो गई है।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि यह सुधार सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि एक्सचेंज पर रेगुलेटरी फैसलों का सीधा असर पड़ता है। 2026 में स्टॉक काफी वोलेटाइल रहा है। लंबी अवधि में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि BSE, National Stock Exchange (NSE) के साथ प्रतिस्पर्धा में अपने वॉल्यूम को कैसे बरकरार रखता है। निवेशकों को सलाह है कि 7 दिसंबर के बाद के वॉल्यूम ट्रेंड्स और कंपनी के मार्जिन पर बारीकी से नजर रखें।
