BHEL के शेयरों ने एक शानदार टेक्निकल ब्रेकआउट के साथ **₹454.50** का नया 52-हफ्ते का उच्च स्तर छू लिया है। तीन महीने से चल रहे कंसोलिडेशन के दौर को पीछे छोड़ते हुए, अब निवेशकों की नजरें **14 अक्टूबर** को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर टिकी हैं, जहां कंपनी दूसरी तिमाही के नतीजे पेश करेगी।
टेक्निकल ब्रेकआउट और मार्केट का मूड
बीते तीन महीनों से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा BHEL का स्टॉक अब पूरी तरह से ब्रेकआउट मोड में है। 7 अक्टूबर को कंपनी ने ₹454.50 का फ्रेश 52-वीक हाई टच किया है, जो बताता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर वापस लौट आया है। यह टेक्निकल मजबूती बताती है कि शेयर अब अपने पिछले रेजिस्टेंस लेवल को पार कर चुका है।
नतीजों पर टिकी निगाहें
मार्केट की नजरें अब 14 अक्टूबर, 2026 की उस बोर्ड मीटिंग पर हैं, जहां कंपनी चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही (Q2) के अनऑडिटेड नतीजे जारी करेगी। कंपनी के नियम के अनुसार, नतीजों के पहले 1 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक ट्रेडिंग विंडो बंद रखी गई है।
रिस्क और चुनौतियां
तेजी के बावजूद, जानकारों का कहना है कि BHEL के निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की साइकल पर ध्यान देने की जरूरत है। कंपनी की ग्रोथ पूरी तरह से नई पावर परियोजनाओं के मिलने और उन ऑर्डर्स को बिना किसी देरी या लागत में वृद्धि के पूरा करने पर निर्भर करती है। पावर इक्विपमेंट सेक्टर में रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतें और कड़ी प्रतिस्पर्धा मार्जिन (Margins) पर असर डाल सकती हैं।
निवेशक अब नतीजों का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें यह स्पष्ट हो सके कि कंपनी की ऑर्डर बुक की स्थिति कैसी है और आने वाले समय में मैनेजमेंट की क्या योजनाएं हैं। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में फिजिकल सिक्योरिटीज के डीमैटीरियलाइजेशन को लेकर भी अपडेट दिए हैं, जो कंपनी की एडमिनिस्ट्रेटिव कामकाज में पारदर्शिता को दर्शाते हैं।
