ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने BHEL पर अपनी 'Reduce' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि फर्म ने टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹426** कर दिया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक की मौजूदा कीमतें काफी महंगी हो चुकी हैं।
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए स्टॉक पर 'Reduce' रेटिंग दी है। हालांकि, कंपनी के हालिया ऑपरेशनल प्रदर्शन को देखते हुए ब्रोकरेज ने अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹426 जरूर किया है।
क्यों महंगा है शेयर?
ब्रोकरेज का तर्क है कि BHEL का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन शेयर में आई हालिया तेजी के बाद सारी अच्छी खबरें पहले ही प्राइस में डिस्काउंट हो चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक फिलहाल FY28 की अनुमानित कमाई के 31.6 गुना और FY29 की कमाई के 24.0 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन नए निवेशकों के लिए शेयर को काफी महंगा बना देता है।
कंपनी का ऑपरेशनल सफर
कंपनी ने Q2 FY27 में साल-दर-साल आधार पर 23.8% की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है। पावर सेगमेंट पर फोकस और बेहतर ग्रॉस मार्जिन के चलते कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन 11% रहा है। फिलहाल कंपनी की ऑर्डर बुक ₹2.1 लाख करोड़ की है, जिसमें Heo और Tato-I जैसे बड़े हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स और नए गैस टरबाइन कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल हैं।
डायवर्सिफिकेशन पर जोर
पारंपरिक पावर बिजनेस के अलावा, BHEL अब ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर्स, डिफेंस और रेल मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में कदम बढ़ा रही है। इसका इंडस्ट्रियल सेगमेंट पिछले साल के मुकाबले 45% बढ़ा है। करंट फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी ने 2,260 MW की कैपेसिटी जोड़ी है और यह 4,790 MW के सालाना लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए सलाह
निवेशकों को मुख्य रूप से प्रोजेक्ट्स के निष्पादन (Execution) पर नजर रखनी चाहिए। ऑर्डर बुक भले ही बड़ी है, लेकिन असली मुनाफा प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने पर ही निर्भर करेगा। बाजार की मुख्य चिंता यह है कि क्या भविष्य की कमाई मौजूदा प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहरा पाएगी या नहीं।
