Azad Engineering ने हैदराबाद कैंपस में GE Vernova के लिए दो नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की हैं। **15,200 वर्ग मीटर** में फैली ये यूनिट्स ग्लोबल गैस पावर सेक्टर की मांग को पूरा करेंगी। हालांकि, ब्रोकरेज ICICI Securities ने **₹3,200** का टारगेट दिया है, लेकिन निवेशकों को हाई वैल्यूएशन और क्लाइंट कंसंट्रेशन पर नजर रखने की सलाह है।
नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार
Azad Engineering ने हैदराबाद में अपने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड इनोवेशन' में दो नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का उद्घाटन किया है। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-फेज कैपेसिटी एडिशन है। इन नई फैसिलिटीज के साथ, अब कंपनी के पास अपने प्रमुख पार्टनर GE Vernova को सपोर्ट करने वाली कुल 3 यूनिट्स हो गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ग्लोबल गैस पावर सप्लाई चेन में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
ऑपरेशंस और भविष्य की योजनाएं
इन नई यूनिट्स के शुरू होने के साथ, कंपनी के कुल 7 नियोजित प्लांट्स में से 6 अब चालू हो चुके हैं। साथ ही, एक वर्किंग फॉर्जिंग प्लांट भी काम कर रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह इंफ्रास्ट्रक्चर अगले 5 से 6 सालों के ऑर्डर एग्जीक्यूशन के लिए एक लंबी रेवेन्यू पाइपलाइन तैयार करेगा।
ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन रिस्क
ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities ने इस विस्तार के बाद फाइनेंशियल ईयर 2029 के अनुमान जारी किए हैं और शेयर के लिए ₹3,200 का टारगेट प्राइस तय किया है, जिसमें 55x का अर्निंग मल्टीपल इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 55 का फॉरवर्ड अर्निंग मल्टीपल काफी महंगा माना जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी का एक बड़ा रेवेन्यू हिस्सा मुख्य रूप से GE Vernova पर निर्भर है। यदि क्लाइंट की डिमांड या ग्लोबल एनर्जी सेक्टर में कोई बदलाव आता है, तो यह कंपनी के बिजनेस पर असर डाल सकता है। अब निवेशकों की नजर अंतिम सातवीं यूनिट के शुरू होने और GE Vernova से मिलने वाले नए ऑर्डर्स पर रहेगी।
