बाजार में दिख रही तेजी, Axis Securities ने चुने खास शेयर
मार्केट में कंसोलिडेशन (Consolidation) के दौर के बाद, ब्रोकरेज फर्म Axis Securities ने फरवरी महीने के लिए अपनी लार्ज-कैप स्टॉक पिक्स (Large-Cap Stock Picks) जारी की हैं। फर्म का मानना है कि फाइनेंशियल, टेलीकॉम, कंज्यूमर स्टेपल्स और हेल्थकेयर सेक्टर्स में अच्छी ग्रोथ की संभावनाएं हैं। इन पिक्स में भारतीय इकोनॉमी (Economy) की मजबूती साफ झलकती है, लेकिन हर कंपनी के सामने अपनी चुनौतियां और कॉम्पिटिशन (Competition) भी है।
फाइनेंस सेक्टर पर Axis Securities का बड़ा दांव
Axis Securities ने तीन बड़े फाइनेंशियल स्टॉक्स पर भरोसा जताया है: Bajaj Finance, State Bank of India (SBI) और HDFC Bank।
- Bajaj Finance: यह कंपनी लगभग 33x के P/E पर ट्रेड कर रही है। Axis Securities का अनुमान है कि यह एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 24-25% की CAGR ग्रोथ बनाए रखेगी। हालांकि, इसका वैल्युएशन (Valuation) इंडस्ट्री एवरेज 19x से काफी ऊपर है, जो बताता है कि ग्रोथ की उम्मीदें पहले से ही कीमत में शामिल हैं।
- SBI: यह शेयर करीब 12x के P/E पर मिल रहा है। अपनी बड़ी लायबिलिटी फ्रेंचाइजी (Liability Franchise) और कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) स्ट्रेटेजी के दम पर SBI से प्रदर्शन बनाए रखने की उम्मीद है। टारगेट प्राइस (Target Price) के अनुसार इसमें करीब 11% का अपसाइड दिख रहा है।
- HDFC Bank: फिलहाल यह शेयर 19-20x के P/E पर है। बैंक अपनी डिपॉजिट फ्रेंचाइजी (Deposit Franchise) को मजबूत करने पर फोकस कर रहा है। मार्जिन रिकवरी (Margin Recovery) उम्मीद से थोड़ी धीमी है, लेकिन बैंक की एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी (Execution Capability) और CASA मोबिलाइजेशन (Mobilization) पर काम करने के कदम सकारात्मक हैं। इसका नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) करीब 3.35% है, जो ICICI Bank जैसे कुछ प्रतिद्वंद्वियों (3.46% Q1FY26 में) से थोड़ा कम है।
Bharti Airtel: 5G और ARPU ग्रोथ पर नजर
टेलीकॉम सेक्टर में Bharti Airtel को चुना गया है। ब्रोकरेज को कंपनी के बेहतर मार्जिन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और 4G/5G में लगातार हो रहे कन्वर्जन (Conversion) से उम्मीदें हैं। टारगेट प्राइस के हिसाब से इसमें 30% तक का अपसाइड दिख रहा है। कंपनी अपने ₹300 के ARPU (Average Revenue Per User) टारगेट को हासिल करने की राह पर है, जिसका फायदा डेटा की बढ़ती खपत और रूरल पेनिट्रेशन (Rural Penetration) से मिलेगा। कंपनी की अफ्रीकी ऑपरेशंस (Operations) भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में FY26 में रेवेन्यू 10-12% बढ़ने का अनुमान है, जबकि ARPU के ₹220 तक पहुंचने की उम्मीद है। 30-37x P/E पर ट्रेड कर रही Bharti Airtel के लिए Reliance Jio जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों के बीच सब्सक्राइबर ग्रोथ बनाए रखना अहम होगा।
Avenue Supermarts (DMart): रिटेल में एक्सपेंशन, मार्जिन पर दबाव
Avenue Supermarts (DMart) को भी लिस्ट में शामिल किया गया है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को रीवांप (Revamp) करने और प्रॉफिटेबल एक्सपेंशन (Profitable Expansion) पर जोर दे रही है। अगले साल तक स्टोर काउंट 415 (मार्च 2025) से बढ़ाकर 424 से ज्यादा करने का लक्ष्य है। हालांकि, Reliance Retail के बड़े स्टोर नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेयर्स से DMart को कड़ी टक्कर मिल रही है, जिससे मार्जिन पर दबाव है। Q4FY25 में DMart का EBITDA मार्जिन गिरकर 6.4% पर आ गया था, जो पिछले पांच तिमाहियों का सबसे निचला स्तर था। 86x के हाई P/E के साथ, यह शेयर काफी ग्रोथ डिस्काउंट (Discount) कर रहा है, इसलिए कंपनी का एग्जीक्यूशन (Execution) बहुत महत्वपूर्ण होगा।
Max Healthcare: ऑपरेशनल एफिशिएंसी और स्पेशलाइजेशन
Max Healthcare Institute को उसकी लीडिंग पोजीशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए सराहा गया है। एनालिस्ट्स (Analysts) 28% के अपसाइड का अनुमान लगा रहे हैं। कंपनी 6-7% ARPOB (Average Revenue Per Occupied Bed) ग्रोथ का अनुमान लगा रही है, जो केस कॉम्प्लेक्सिटी (Case Complexity) और 76% की लगातार ऑक्यूपेंसी रेट (Occupancy Rate) से सपोर्टेड है। यह ऑक्यूपेंसी रेट Apollo Hospitals के 65% से काफी बेहतर है। Max Healthcare का ₹78,000 का ARPOB भी इंडस्ट्री में सबसे आगे है। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) रेट्स में हालिया संशोधन से ₹200 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू बूस्ट मिल सकता है। 70-90x P/E पर ट्रेड कर रहे Max Healthcare को Jefferies ने Fortis Healthcare के साथ टॉप पिक्स में रखा है, जहां 22% और 18% EBITDA CAGR की उम्मीद है।
आगे की राह
Axis Securities की ये पिक्स संकेत देती हैं कि मार्केट मजबूत लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के प्रति आशावादी है। FY25-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 7.5%-7.8% रहने का अनुमान है। हालांकि, इन स्टॉक्स को मार्जिन प्रेशर, कॉम्पिटिशन और ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में क्वालिटी और एग्जीक्यूशन (Execution) आने वाले महीनों में स्टॉक परफॉर्मेंस के लिए अहम साबित होंगे।
