बाजार के मौजूदा उतार-चढ़ाव और भारी विदेशी बिकवाली के बीच Axis Direct ने निवेशकों को नई सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि अब इंडेक्स की चाल पर दांव लगाने के बजाय चुनिंदा और मजबूत शेयरों को चुनने का समय है, क्योंकि विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक **₹2.69 लाख करोड़** से ज्यादा की निकासी कर ली है।
बाजार की बदलती हवा
अक्टूबर 2026 में भारतीय बाजार के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। सितंबर के दौरान Nifty और Sensex में करीब 6% की गिरावट देखने को मिली थी। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के चलते बाजार का दायरा सीमित हो गया है। Axis Direct अब निवेशकों को सलाह दे रहा है कि वे इंडेक्स की चाल के पीछे भागने के बजाय उन शेयरों पर ध्यान दें, जिनमें दमखम है।
क्वांटिटेटिव फ्रेमवर्क और स्ट्रैटेजी
ब्रोकरेज अब एक डेटा-आधारित 'क्वांटिटेटिव फ्रेमवर्क' का उपयोग कर रहा है। इसमें 'ग्रोथ' और 'मोमेंटम' स्ट्रैटेजी को 30% का वेटेज दिया गया है। मोमेंटम फैक्टर में दिख रहा 14.9% का गैप यह साफ करता है कि बाजार में कुछ ऐसे शेयर हैं जो व्यापक गिरावट के बावजूद अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। यही वो जगह है जहां समझदार निवेशक मुनाफा कमा सकते हैं।
ग्लोबल प्रेशर की मार
बाजार पर दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का 5% के स्तर को पार करना है। जब सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड ज्यादा रिटर्न देते हैं, तो ग्लोबल निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकालकर वहां लगाने लगते हैं। यही कारण है कि साल 2026 में FIIs ने ₹2.69 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश निकाल लिया है।
रिस्क फैक्टर और सावधानियां
क्रूड ऑयल की अस्थिर कीमतें और ग्लोबल स्तर पर बढ़ती ब्याज दरें अभी भी बाजार की स्थिरता के लिए खतरा बनी हुई हैं। ब्रोकरेज का साफ कहना है कि अब इंडेक्स की चाल और कंपनी विशेष के प्रदर्शन के बीच का संबंध कमजोर हो गया है। यानी, इंडेक्स गिर सकता है लेकिन आपके चुने हुए अच्छे शेयर फिर भी मुनाफा दे सकते हैं। अब पूरी तरह से स्टॉक-स्पेसिफिक होकर काम करने का ही समय है।
