ब्रोकरेज फर्म Axis Direct ने हेल्थकेयर सेक्टर की तीन बड़ी कंपनियों—Dr Lal PathLabs, Vijaya Diagnostic Centre और Nephrocare Health Services पर पॉजिटिव आउटलुक जारी किया है। साल 2028 तक इन सेक्टर्स में भारी उछाल की उम्मीद जताई गई है।
बाजार का बदलता स्वरूप\n\nभारतीय हेल्थकेयर सेक्टर में ऑर्गेनाइज्ड सर्विसेज की मांग तेजी से बढ़ रही है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि देश का डायग्नोस्टिक मार्केट जो अभी ₹87,000 करोड़ का है, वह फाइनेंशियल ईयर 2028 तक बढ़कर ₹1,37,500 करोड़ तक पहुंच सकता है। इस ग्रोथ के पीछे बढ़ती हेल्थ अवेयरनेस और प्राइवेट इंश्योरेंस की पैठ मुख्य वजहें हैं।\n\n### ब्रोकरेज के टारगेट्स और उनकी खासियतें\n\n* Dr Lal PathLabs: इसका टारगेट प्राइस ₹2,315 रखा गया है। कंपनी का 70% रेवेन्यू रिटेल कंज्यूमर बिजनेस से आता है और यह एक कर्ज-मुक्त (debt-free) कंपनी है, जिसका EBITDA मार्जिन 26% से 27% के बीच रहता है।\n* Vijaya Diagnostic Centre: इसके लिए ₹1,730 का टारगेट दिया गया है। पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी के मिश्रण के साथ कंपनी 40% तक का EBITDA मार्जिन बनाए रखने में सक्षम है।\n* Nephrocare Health Services: इसका टारगेट ₹750 है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में 31.5% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और यह लगभग 500 क्लीनिक्स का नेटवर्क चला रही है।\n\n### निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?\n\nबाजार की चमक के बीच, कुछ चुनौतियां भी हैं जिन पर नजर रखनी जरूरी है। डायग्नोस्टिक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर दबाव (pricing pressure) देखा जा सकता है, जो भविष्य में मार्जिन्स को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, ये स्टॉक्स प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि इनमें पहले से ही काफी ग्रोथ जुड़ी हुई है। यदि कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती, तो शेयर की कीमतों में दबाव आ सकता है।