Anand Rathi की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, Axis Bank ने अपने लोन पोर्टफोलियो में पिछले साल की तुलना में **19%** की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। इतना ही नहीं, बैंक की जमा राशि (Deposits) में भी **18%** की बढ़ोतरी हुई है।
लोन ग्रोथ में जबरदस्त उछाल
Anand Rathi की ताजा रिपोर्ट बताती है कि Axis Bank अपने प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। बैंक के लोन बुक में साल-दर-साल 19% की वृद्धि हुई है, जो कि समग्र बैंकिंग सिस्टम और HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े बैंकों की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस क्रेडिट विस्तार के साथ-साथ, बैंक की जमा राशि (Deposits) में भी 18% की सालाना बढ़ोतरी हुई है, जिसे ब्रोकरेज ने फंड जुटाने की बैंक की काबिलियत के लिए एक सकारात्मक संकेत माना है।
मार्जिन पर दबाव और एसेट क्वालिटी
हालांकि, ग्रोथ के आंकड़े तो मजबूत हैं, लेकिन बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में कुछ चिंताजनक पहलू भी नज़र आ रहे हैं। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) - जो लोन पर कमाए गए ब्याज और जमा पर दिए गए ब्याज के बीच का अंतर मापता है - पिछली तिमाही की तुलना में 16 बेसिस पॉइंट घटकर 3.46% पर आ गया है। इसका मुख्य कारण बैंक द्वारा अपने लोन की री-प्राइसिंग और कॉर्पोरेट लेंडिंग के बढ़ते हिस्से को माना जा रहा है। इसके अलावा, एसेट क्वालिटी (Asset Quality) स्थिर रहने के बावजूद, बैंक में कुछ सहकर्मी संस्थानों की तुलना में ज़्यादा ग्रॉस और नेट स्लिपेज (slippages) दर्ज किए गए हैं, जिस पर निवेशकों को अगले कुछ तिमाहियों में नज़र रखनी चाहिए।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और भविष्य के लक्ष्य
मार्जिन में आई कमी के बावजूद, बैंक ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में सुधार किया है। पिछले तिमाही में ऑपरेटिंग खर्चों का कुल संपत्ति (Total Assets) से अनुपात 26 बेसिस पॉइंट कम हुआ है। लंबी अवधि के नज़रिए से, विश्लेषकों को उम्मीद है कि बैंक अपनी ग्रोथ को इंडस्ट्री से लगभग 100 से 150 बेसिस पॉइंट आगे बनाए रखेगा। फर्म का अनुमान है कि जैसे-जैसे मार्जिन स्थिर होंगे और क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) कम होगी, रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) फाइनेंशियल ईयर 2026 के 12.7% के स्तर से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2028 तक लगभग 15% तक पहुंच सकता है।
वैल्यूएशन और मार्केट पोजीशन
वैल्यूएशन (Valuation) की बात करें तो, Axis Bank वर्तमान में फाइनेंशियल ईयर 2028 के अनुमानों के आधार पर 1.4 गुना प्राइस-टू-एडजस्टेड-बुक-वैल्यू (P/ABV) रेशियो पर ट्रेड कर रहा है। यह ICICI Bank, HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लगभग 20% का वैल्यूएशन डिस्काउंट दर्शाता है। एनालिस्ट रिपोर्ट के अनुसार, बैंक के कोर बैंकिंग बिजनेस का वैल्यू 1.7 गुना अनुमानित बुक वैल्यू है, जिसमें बैंक की विभिन्न सब्सिडियरीज़ से अतिरिक्त वैल्यू जुड़ती है। निवेशकों को आने वाली तिमाही नतीजों में बैंक की स्लिपेज लेवल्स को मैनेज करने और मार्जिन सुधारने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि क्या ये अनुमान सही साबित होते हैं।
