Avenue Supermarts शेयर पर कसा शिकंजा! बढ़ती प्रतिस्पर्धा और घटते स्टोर परफॉरमेंस से दबाव में DMart

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Avenue Supermarts शेयर पर कसा शिकंजा! बढ़ती प्रतिस्पर्धा और घटते स्टोर परफॉरमेंस से दबाव में DMart

Avenue Supermarts, जो DMart के नाम से जानी जाती है, इस समय बढ़ती प्रतिस्पर्धा और घटते स्टोर मेट्रिक्स के चलते दबाव में है। ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने कंपनी के स्टॉक पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

स्टोर परफॉरमेंस और रणनीतिक बदलाव

DMart नए स्टोर खोलना जारी रखे हुए है, चौथी तिमाही में 58 नए स्टोर जोड़े गए। लेकिन, इस तेज विस्तार का असर अलग-अलग स्टोर्स के प्रदर्शन पर दिख रहा है। पिछले साल की तुलना में प्रति स्टोर बिक्री (Sales per store) में 3.7% और प्रति वर्ग फुट बिक्री (Sales per square foot) में 3.0% की गिरावट आई है। वहीं, प्रति दिन प्रति स्टोर बिल (Bills per store per day) की संख्या में 5.1% की कमी आई है, जो बताता है कि नए स्टोर पुराने स्टोर्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं या ग्राहक ट्रैफिक कम हो रहा है।

भौगोलिक रूप से भी प्रदर्शन एक जैसा नहीं है। छोटे शहरों के स्टोर बेहतर कर रहे हैं, जबकि बड़े शहरों के पुराने स्टोरों में ग्रोथ स्थिर बनी हुई है। इस बदलते रिटेल परिदृश्य में, कंपनी ने अपनी ऑनलाइन ग्रोसरी सर्विस DMart Ready को भी समेटा है, पिछले 15 महीनों में 14 शहरों से इसे बंद कर दिया है और अब 11 बड़े शहरी बाजारों पर फोकस कर रही है।

फाइनेंशियल आउटलुक और कर्ज का बढ़ना

कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं, जिसमें FY27 और FY28 में लगभग 75 नए स्टोर खोलने का लक्ष्य है, के लिए पूंजी की आवश्यकता बढ़ेगी। इसके लिए कंपनी 10 अरब रुपये नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाने की योजना बना रही है। इससे कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा, जो FY26 में 11 अरब रुपये से बढ़कर FY27 तक लगभग 25 अरब रुपये होने का अनुमान है।

प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन पर भी दबाव है। विश्लेषकों का अनुमान है कि EBITDA मार्जिन FY27 में 7.4% और FY28 में 7.0% तक कम हो सकता है, जो FY26 के अनुमानित 7.5% से कम है। इन कम मार्जिन के साथ-साथ कंपनी का हाई वैल्यूएशन (FY28 की अनुमानित कमाई के 70 गुना से अधिक पर ट्रेड कर रहा है) भी बाजार पर्यवेक्षकों के बीच सतर्कता का कारण बन रहा है। निवेशकों को कंपनी की कम कीमत वाली रणनीति को बनाए रखने की क्षमता, बढ़ते कर्ज और प्रतिस्पर्धी खतरों के प्रबंधन पर नजर रखनी होगी।

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