Avenue Supermarts के शेयरों में आज **6%** तक की भारी गिरावट देखने को मिली। Citi द्वारा 'सेल' रेटिंग दिए जाने और कंपनी की सुस्त स्टोर विस्तार रणनीति पर उठाए गए सवालों के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है, जबकि कंपनी का रेवेन्यू **18.4%** बढ़कर **₹19,206 करोड़** रहा है।
बाजार की नाराजगी की असली वजह
ऑपरेटिंग कंपनी Avenue Supermarts के लिए आज का दिन मुश्किल भरा रहा। ब्रोकरेज फर्म Citi ने स्टॉक को 'सेल' रेटिंग दी है, जिसका सीधा असर शेयर प्राइस पर दिखा। निवेशक कंपनी के मौजूदा रेवेन्यू परफॉर्मेंस के बजाय उसके विस्तार की सुस्त गति को लेकर ज्यादा चिंतित हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में ₹19,206.18 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 18.4% ज्यादा है। लेकिन कुल 518 स्टोर्स में से पहली छमाही में केवल 18 नए स्टोर्स ही जोड़े गए, जो पिछले साल के 17 स्टोर्स के मुकाबले मामूली अंतर ही दर्शाता है।
प्रीमियम वैल्यूएशन पर दबाव
मार्केट में D-Mart को हमेशा से एक प्रीमियम वैल्यूएशन मिलता रहा है, क्योंकि निवेशकों को हमेशा तेज और निरंतर ग्रोथ की उम्मीद रहती है। जब विस्तार की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं होती, तो सवाल उठना लाजमी है कि क्या कंपनी अपनी मार्केट हिस्सेदारी को उतनी मजबूती से बढ़ा पा रही है जितनी पहले थी।
क्विक-कॉमर्स से कड़ी टक्कर
रिटेल सेक्टर में आए बदलावों ने चुनौती को और बढ़ा दिया है। Blinkit, Zepto, और Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का तेजी से विस्तार D-Mart के पारंपरिक मॉडल के लिए खतरा बन रहा है। उपभोक्ता अब सुविधा (convenience) को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि क्या यह नए प्लेयर्स फिजिकल स्टोर्स की पकड़ ढीली कर देंगे।
आगे की राह
अब सबकी निगाहें 10 अक्टूबर 2026 पर टिकी हैं, जब कंपनी अपने पूरे तिमाही नतीजे जारी करेगी। उस दिन प्रॉफिट मार्जिन और कॉस्ट मैनेजमेंट पर स्थिति और साफ हो जाएगी।
