ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Avenue Supermarts (DMart) को 'Reduce' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस **₹3,214** तय किया है। इसकी मुख्य वजह क्विक-कॉमर्स (Quick-Commerce) से मिल रही कड़ी टक्कर और स्टोर की घटती एफिशिएंसी है।
बाजार की चिंता और नई रेटिंग
DMart चलाने वाली कंपनी Avenue Supermarts पर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने 'Reduce' रेटिंग दी है। हाल ही में यह शेयर ₹3,499.9 के 52-वीक लो (52-week low) पर पहुंच गया था। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी जिस तरह से तेजी से बदलते रिटेल मार्केट और ग्राहकों की बदलती आदतों के बीच फंस रही है, वह चिंताजनक है।
क्विक-कॉमर्स का बढ़ता दबाव
ब्रोकरेज के मुताबिक, Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का दबदबा बढ़ रहा है। ये प्लेटफॉर्म अर्बन इलाकों में ग्रॉसरी मार्केट का बड़ा हिस्सा हथिया रहे हैं। कंपनी ने पिछले नौ महीनों में 76 नए स्टोर खोले हैं, जिससे इनका नेटवर्क 518 स्टोर तक पहुंच गया है, लेकिन स्टोर की प्रोडक्टिविटी और सेल्स प्रति स्क्वायर फीट के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रहे हैं।
फाइनेंशियल प्रदर्शन पर एक नजर
Q2 FY27 के नतीजों में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹19,206.18 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 18.4% की बढ़त दिखाता है। वहीं, नेट प्रॉफिट 8.5% बढ़कर ₹742.98 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, बढ़ती कमोडिटी लागत को ग्राहकों पर डालने में कंपनी को परेशानी हो रही है, जिससे मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।
वैल्युएशन और आगे की राह
कंपनी का शेयर अभी भी 61x के प्रीमियम P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। ROE (Return on Equity) में कमी आने के कारण अब बाजार इस बात पर सवाल उठा रहा है कि क्या वर्तमान कीमत के हिसाब से कंपनी की ग्रोथ सही है। आने वाले समय में निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी स्टोर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और मार्जिन रिकवरी में कोई ठोस रणनीति अपना पाती है या नहीं।
