Asian Paints ने दूसरी तिमाही के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹1,095.6 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, रेवेन्यू में ग्रोथ के बावजूद बढ़ते कच्चे माल के खर्च और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी के मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।
मुनाफे में इजाफा, मार्जिन पर मार
कंपनी ने दूसरी तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 14.6% की बढ़त दर्ज की है, जो कि ₹1,095.6 करोड़ रही। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 14.8% बढ़कर ₹8,423.6 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, ये आंकड़े जितने अच्छे दिख रहे हैं, हकीकत में कंपनी के ग्रॉस मार्जिन में लगभग 4% की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन में दिक्कतें हैं।
कम होती डिमांड की चिंता
निवेशकों के लिए एक और चिंता का विषय डेकोरेटिव पेंट सेगमेंट में वॉल्यूम ग्रोथ का सुस्त होना है। पिछली तिमाही में जो ग्रोथ 9% थी, वह अब घटकर 6.4% पर आ गई है। बाजार में Grasim Industries के नए ब्रांड 'Birla Opus' के आने से कॉम्पिटिशन काफी बढ़ गया है, जिससे कंपनियों को मार्केटिंग और डीलर प्रमोशन पर अपना खर्च बढ़ाना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ रहा है।
ब्रोकरेज का मिला-जुला रुख
कंपनी ने प्रति शेयर ₹5.75 का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है। ब्रोकरेज फर्म्स की राय की बात करें तो Macquarie अभी भी स्टॉक पर बुलिश है, जबकि Jefferies ने खरीदारी की राय रखते हुए टारगेट प्राइस घटा दिया है। Goldman Sachs ने 'Sell' रेटिंग दी है, जबकि HSBC ने भी अपना वैल्यूएशन मल्टीपल कम कर दिया है।
आने वाले समय में, बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स से कितनी लागत बचा पाती है और क्या वह वॉल्यूम ग्रोथ को वापस ट्रैक पर ला पाती है या नहीं।
