Arvind Ltd ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना कंसोलिडेटेड EBITDA **₹3.1 बिलियन** तक पहुँचाया है। टेक्सटाइल की मजबूत मांग और बेहतर मार्जिन के चलते कंपनी ने साल-दर-साल **25%** की ग्रोथ दर्ज की है।
Arvind Ltd के लिए यह तिमाही काफी दमदार रही है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹3.1 बिलियन पर पहुँच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 25% अधिक है। इस बेहतर प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह फैब्रिक और डेनिम बिजनेस में मिली अच्छी सफलता है, जिससे कंपनी कच्चे माल की बढ़ती कीमतों (जैसे कॉटन यार्न और डाइज) के असर को पूरी तरह बेअसर करने में सफल रही।
टेक्सटाइल और एडवांस्ड मैटेरियल्स का दबदबा
कंपनी के मुख्य टेक्सटाइल बिजनेस ने इस तिमाही में ₹1.9 बिलियन का EBITDA कमाया है। लागत को ग्राहकों तक पास-ऑन करने की क्षमता ने मुनाफे को बनाए रखा। वहीं, 'एडवांस्ड मैटेरियल्स' डिवीजन ने भी रफ्तार पकड़ी है। इस यूनिट में 23% की सालाना ग्रोथ देखी गई, जिसमें 'ह्यूमन प्रोटेक्शन' कैटेगरी का योगदान 41% रहा। कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेगमेंट मार्जिन 13.5% से बढ़कर 14.8% हो गया है।
सरकारी स्कीम और भविष्य के जोखिम
ऑपरेशनल मोमेंटम तो पॉजिटिव है, लेकिन निवेशकों को सरकारी नीतियों पर नजर रखनी होगी। टेक्सटाइल सेक्टर अभी RoDTEP और RoSCTL जैसी सरकारी एक्सपोर्ट इंसेंटिव स्कीम का फायदा ले रहा है, जो 2026 के अंत तक खत्म हो जाएंगी। अगर सरकार ने इन्हें आगे नहीं बढ़ाया, तो एक्सपोर्ट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे का नजरिया
कंपनी का भविष्य अब ब्रिटेन और अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों की डिमांड पर निर्भर करेगा। ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने नतीजों के बाद अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि क्या कंपनी 2026 के बाद भी अपनी प्राइसिंग पावर और मार्जिन को इसी तरह मैनेज कर पाएगी।
