Apollo Micro Systems ने अपनी मजबूत डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के दम पर दूसरी तिमाही में **72%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी की ऑर्डर बुक अब **₹1,765 करोड़** के पार पहुंच गई है और भविष्य में MIGM जैसे बड़े डिफेंस प्रोग्राम्स से नए ऑर्डर्स की उम्मीद है।
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया है। डिफेंस सेक्टर की बढ़ती मांग के चलते कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 88% तक उछल गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में 54% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ऑर्डर बुक और डिफेंस प्रोग्राम्स
वर्तमान में कंपनी के पास ₹1,765 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है। कंपनी का सारा ध्यान अब MIGM प्रोग्राम पर है, जिसके यूजर ट्रायल पूरे हो चुके हैं। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि फरवरी 2027 तक इस प्रोग्राम से नए ऑर्डर्स मिल सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी Pinaka, QRSAM और हेवी-टॉरपीडो जैसे प्रमुख डिफेंस प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है, जो भविष्य में रेवेन्यू के बड़े स्रोत साबित होंगे।
ग्रोथ स्ट्रेटेजी और रिस्क
कंपनी ने इस साल के लिए 35% से 45% की ग्रोथ गाइडेंस दी है और साल के अंत तक ऑर्डर बुक को ₹2,000 करोड़ के पार ले जाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, निवेशकों को डिफेंस सेक्टर के कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए, जैसे प्रोजेक्ट में देरी, वर्किंग कैपिटल की उच्च आवश्यकता और सरकारी टेंडर्स के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा। कंपनी की सफलता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कैसे अपनी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाती है और संभावित ऑर्डर्स को पक्के कॉन्ट्रैक्ट्स में बदलती है।
