मार्जिन में कैसे आई जबरदस्त बढ़ोतरी?
Angel One के चौथी तिमाही के नतीजे काफी मजबूत रहे, जो रेगुलेटरी बदलावों और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के बाद रिकवरी का संकेत दे रहे हैं। ऑटोमेशन ने इस तिमाही में एम्प्लॉई कॉस्ट को कम करने में मदद की है, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ी है। इस तिमाही में Angel One की आय ₹11.3 अरब रही, जो पिछले साल की इसी अवधि से 37% अधिक है। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में आय 3% घटकर ₹40 अरब रही।
सबसे खास बात ऑपरेटिंग मार्जिन का 31.8% से बढ़कर 41.7% हो जाना है। लागत में कमी लाने के लिए ऑटोमेशन का सहारा लिया गया, जिसके चलते पिछली तिमाही की तुलना में एम्प्लॉई एक्सपेंस में 11% की गिरावट आई, जबकि एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट 20% बढ़ी। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹915.10 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 3% कम है।
प्रीमियम वैल्यूएशन के बीच बढ़े अनुमान
शानदार नतीजों के बाद, एनालिस्ट्स ने कंपनी के अर्निंग अनुमानों को बढ़ाया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के लिए EPS अनुमानों को क्रमशः 12% और 19% तक बढ़ाया गया है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने 'BUY' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹400 रखा है, जबकि Elara Securities ने ₹350 के टारगेट के साथ 'BUY' रेटिंग दी है। नतीजों के बाद Angel One के शेयर में पिछले हफ्ते 10% से ज्यादा की तेजी देखी गई। फिलहाल, कंपनी का शेयर अपने अर्निंग्स के मुकाबले लगभग 32 गुना P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पियर्स जैसे ICICI Securities (13.89 गुना P/E) और Share India Securities (11.29 गुना P/E) की तुलना में काफी ज्यादा है। Angel One अभी भी क्लाइंट बेस के मामले में भारत का सबसे बड़ा इंडिपेंडेंट लिस्टेड रिटेल ब्रोकरेज है, जिसके 1.38 करोड़ से ज्यादा क्लाइंट्स हैं।
जोखिम और प्रतिस्पर्धा का दबाव
Q4 में मजबूत वापसी के बावजूद, कुछ जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में रेवेन्यू में आई गिरावट यह दर्शाती है कि हालिया तिमाही के लाभ अभी भी पिछली चुनौतियों से उबरने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनी का मुख्य रेवेन्यू सोर्स, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ब्रोकिंग, Q4 में सुधरा है लेकिन अभी भी Q4 FY24 के स्तर तक नहीं पहुंचा है, जो इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में संभावित धीमी ग्रोथ का संकेत देता है। ब्रोकिंग इंडस्ट्री को डिस्काउंट और फुल-सर्विस फर्म्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Angel One की वेल्थ मैनेजमेंट और एसेट मैनेजमेंट जैसी नई पहलें अभी शुरुआती दौर में हैं और शॉर्ट-टर्म मार्जिन को प्रभावित कर रही हैं। IPL विज्ञापन जैसे निकट-अवधि के खर्च भी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकते हैं। वर्तमान 32 गुना का P/E रेश्यो इन प्रतिस्पर्धी दबावों और पूरे साल के रेवेन्यू में आई गिरावट को देखते हुए अधिक लगता है, जो बताता है कि भविष्य की अधिकांश ग्रोथ पहले ही शेयर की कीमत में शामिल हो चुकी है।
