Angel One के सितंबर तिमाही के नतीजे बेहद शानदार रहे हैं। कंपनी ने **58.2%** की जोरदार ग्रोथ के साथ **₹334.9 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी और नॉन-ब्रोकिंग बिजनेस के दम पर संभव हुआ है।
मुनाफे में बड़ी उछाल
सितंबर 2026 की तिमाही में Angel One ने दमदार प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 58.2% बढ़कर ₹334.9 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, कुल रेवेन्यू भी 17.8% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,426.9 करोड़ दर्ज किया गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, ऑपरेशनल सुधारों की बदौलत ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पिछले तिमाही के 34.5% से बढ़कर 45.1% हो गया है।
चुनौतीपूर्ण माहौल में मजबूती
भारतीय ब्रोकरेज सेक्टर फिलहाल डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग को लेकर सख्त रेगुलेटरी नॉर्म्स के दबाव में है। हालांकि, Angel One ने इन चुनौतियों के बीच भी बेहतर प्रदर्शन किया है। सितंबर तक डेली ऑर्डर्स 5.8 मिलियन पर स्थिर रहे, जो बाजार के नए नियमों के साथ कंपनी की अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।
डायवर्सिफिकेशन पर जोर
शेयर बाजार की उठापटक से बचने के लिए कंपनी ने अपने नॉन-ब्रोकिंग कारोबार का तेजी से विस्तार किया है। कंपनी का वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन अब ₹16,000 करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के साथ 160.5% की ग्रोथ दिखा रहा है। साथ ही, क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस भी 51.8% की तेजी के साथ ₹690 करोड़ पर पहुंच गया है।
आगे की राह और डिविडेंड
रेगुलेटरी रिस्क अभी भी बने हुए हैं, क्योंकि बैंक फंडिंग नॉर्म्स और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर सख्त नियम कंपनी के कोर बिजनेस को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, कंपनी की रिटेल इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट में 22.1% की हिस्सेदारी बरकरार है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने ₹1.40 प्रति शेयर के इंटरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। आने वाले समय में कंपनी की वेल्थ मैनेजमेंट और क्रेडिट बिजनेस की सफलता यह तय करेगी कि यह ग्रोथ बरकरार रहती है या नहीं।
