Angel One और Groww के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। दोनों कंपनियों ने पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस नतीजों के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में हलचल देखी गई।
Angel One का दमदार प्रदर्शन, मार्जिन पर फोकस
Angel One ने पहली तिमाही में ₹231.4 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। पिछले साल की तुलना में यह एक बड़ी उछाल है, जिसका मुख्य कारण रिटेल निवेशकों की ओर से जबरदस्त ट्रेडिंग वॉल्यूम रहा। नतीजों के बाद NSE पर स्टॉक 1.7% चढ़कर ₹349.40 पर ट्रेड कर रहा था।
Motilal Oswal के एनालिस्ट्स का कहना है कि हालांकि फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग से रेवेन्यू में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन कैश मार्केट में एक्टिविटी मजबूत बनी हुई है। Angel One के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपने कोर ब्रोकिंग बिजनेस के अलावा अन्य सेगमेंट में कैसे ग्रोथ हासिल करती है। कंपनी लोन डिस्ट्रीब्यूशन, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सर्विस और एसेट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में आमदनी बढ़ाने पर जोर दे रही है। Citi ने स्टॉक पर पॉजिटिव व्यू बनाए रखा है और कहा है कि कॉस्ट मैनेजमेंट पर फोकस से कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हुआ है।
Groww और नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स की ओर बदलाव
Groww प्लेटफॉर्म की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures के शेयरों में भी मजबूती देखी गई। कंपनी ने भी शानदार प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस को मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) और कमोडिटी ट्रेडिंग जैसे नए प्रोडक्ट्स से मिले बढ़े हुए रेवेन्यू का सहारा मिला है।
ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के आउटलुक को एडजस्ट किया है, जिसमें ग्रोथ और बाजार की चुनौतियों दोनों को स्वीकार किया गया है। Citi ने Groww के लिए टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹255 कर दिया है। फर्म का मानना है कि कैश यील्ड्स और MTF सेगमेंट में ग्रोथ इस बिजनेस के लिए अहम ड्राइवर साबित होंगे। वहीं, JM Financial ने Groww की रेटिंग को 'Buy' में अपग्रेड किया है, जिसकी वजह कंपनी का प्लेटफॉर्म इकोनॉमिक्स और क्लाइंट एसेट्स का स्केल है।
सेक्टर ट्रेंड्स और निवेशकों के लिए अहम बातें
पूरे ब्रोकिंग सेक्टर में एक्टिव यूजर ग्रोथ में नरमी देखी जा रही है। ऐसे में, ब्रोकरेज रेवेन्यू अब प्रोडक्ट इनोवेशन और वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) व क्रेडिट-बेक्स्ड ट्रेडिंग जैसे प्रोडक्ट्स से प्रति ग्राहक अधिक वैल्यू निकालने की क्षमता पर निर्भर कर रहा है।
निवेशकों को यह देखना होगा कि ये कंपनियां नए टेक्नोलॉजी और कस्टमर एक्विजिशन में निवेश करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती हैं। MTF और वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट फिलहाल रेवेन्यू को सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में रेगुलेटरी बदलाव या मार्केट वोलेटिलिटी का इन नए बिजनेस लाइन्स पर क्या असर होगा, यह देखना बाकी है। रेवेन्यू पर ऑर्डर और नॉन-ब्रोकिंग बिजनेस सेगमेंट्स की ग्रोथ पर भविष्य के अपडेट्स इन प्लेटफॉर्म्स के डाइवर्सिफिकेशन मॉडल की सफलता के प्रमुख संकेतक होंगे।
