ग्लोबल ब्रोकरेज Macquarie ने Angel One पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी के गिरते मार्केट शेयर और बढ़ते मार्केटिंग खर्च ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे स्टॉक पर दबाव साफ दिख रहा है।
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Macquarie ने Angel One के लॉन्ग-टर्म अर्निंग्स पोटेंशियल को लेकर चिंता जताई है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी जिस तरह से टेक्नोलॉजी-लेड मॉडल की ओर बढ़ रही है, उसके सामने कई ऑपरेशनल चुनौतियां खड़ी हैं जो भविष्य के प्रॉफिट पर भारी पड़ सकती हैं। सबसे बड़ी चिंता का विषय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का एक्टिव क्लाइंट बेस है, जो इस फाइनेंशियल ईयर में 14.8% पर आकर अटक गया है। डिस्काउंट ब्रोकिंग के कड़े मुकाबले में कंपनी अपनी पकड़ ढीली करती दिख रही है।
क्लाइंट रिटेंशन और खर्च का दबाव
कंपनी का एक्टिव यूजर बेस लगातार गिर रहा है। साल की पहली छमाही में कंपनी के करीब 1.2 लाख एक्टिव यूजर्स कम हुए हैं। चूंकि कंपनी का 60% रेवेन्यू ट्रेडिंग ट्रांजेक्शन से आता है, इसलिए ग्राहकों की संख्या में गिरावट एक बड़ा झटका है। एनालिस्ट्स का मानना है कि ग्राहकों को वापस लाने के लिए कंपनी को मार्केटिंग पर और ज्यादा खर्च करना पड़ेगा, जिसका सीधा असर कंपनी के मार्जिन्स पर देखने को मिलेगा।
अर्निंग्स क्वालिटी और ग्रोथ की राह
रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है—कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा कोर ब्रोकरेज से नहीं, बल्कि ब्याज से आ रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी के EBITDA का करीब 34% हिस्सा क्लाइंट्स की फिक्स्ड डिपॉजिट से मिली ब्याज आय (Interest Income) से आया था। यदि इस नॉन-कोर आय को हटा दिया जाए, तो कंपनी का EBITDA मार्जिन 26.9% से गिरकर महज 20% रह जाता है।
इसके अलावा, Macquarie ने साल 2030 तक कंपनी की रेवेन्यू कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) सिर्फ 10% रहने का अनुमान लगाया है, जो इंडस्ट्री की 17% से 18% की अनुमानित ग्रोथ के मुकाबले काफी कम है। ब्रोकरेज ने साफ किया है कि यदि कंपनी ने अपनी रणनीति नहीं बदली, तो वह मार्केट के मुकाबले पिछड़ सकती है।
