बाजार में सुस्ती के बीच Angel One के विश्लेषकों ने BEML और BSE के चार्ट्स में खास हलचल देखी है। जहां एक ओर BEML के ऑर्डर बुक पर नजर है, वहीं BSE ने शानदार प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है।
BEML की चुनौतियां और उम्मीदें
टेक्निकल तौर पर BEML लगातार 'हायर हाई' और 'हायर लो' के पैटर्न को बनाए हुए है और यह अपने 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के ऊपर मजबूती से टिका है। हालांकि, फंडामेंटल मोर्चे पर स्थिति थोड़ी अलग है। जून 2026 की तिमाही में कंपनी को ₹27.01 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि उसकी इनकम में 27.8% का इजाफा देखा गया। निवेशकों के लिए कंपनी की ₹16,285 करोड़ की विशाल ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदलना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
BSE का दमदार प्रदर्शन
दूसरी तरफ, BSE के चार्ट्स में रिवर्सल के संकेत दिख रहे हैं। यह स्टॉक 61.80% फिबोनाची रिट्रेसमेंट और 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज के अहम स्तरों को टेस्ट कर रहा है। कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में BSE की कुल इनकम 63.4% बढ़कर ₹1,706.72 करोड़ पहुंच गई, जबकि नेट प्रॉफिट 62.2% के उछाल के साथ ₹872.66 करोड़ दर्ज किया गया।
बाजार के लिए रिस्क फैक्टर्स
निवेशकों को मौजूदा मैक्रो माहौल को लेकर सतर्क रहना चाहिए। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल $89 प्रति बैरल के पार निकल गया है, जिससे महंगाई और इनपुट कॉस्ट का दबाव बढ़ने का डर है। साथ ही, अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने भी बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। निफ्टी 24,050 के सपोर्ट लेवल पर बना हुआ है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर होनी चाहिए।
