Anand Rathi AMC के Neeraj Gaurh ने सितंबर तिमाही के लिए बड़ा अनुमान लगाया है। उनका मानना है कि Nifty 50 कंपनियों की अर्निंग्स में **20%** से **27%** तक की बढ़त देखने को मिल सकती है, जो मार्केट के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
सितंबर तिमाही के नतीजों (Earnings Season) को लेकर कॉर्पोरेट इंडिया का मूड काफी उत्साहजनक है। Anand Rathi AMC के डायरेक्टर और फंड मैनेजर Neeraj Gaurh के मुताबिक, मार्केट अब लिक्विडिटी के दौर से निकलकर फंडामेंटल ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है।
कहाँ दिखेगी दमदार तेजी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स (Capital Goods) सेक्टर बाजी मार सकते हैं। प्राइवेट और पब्लिक दोनों ही लेंडर्स के पास क्रेडिट डिमांड स्थिर बनी हुई है, जो फाइनेंशियल सेक्टर के लिए एक बड़ा सपोर्ट है। वहीं, कैपिटल गुड्स सेक्टर में कंपनियों के शानदार ऑर्डर बुक और विस्तार के चलते तेजी की संभावना बनी हुई है।
इन सेक्टर से रहें सावधान
उत्साह के बीच कुछ सेक्टर ऐसे भी हैं जहाँ निवेश करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। Neeraj Gaurh ने IT सर्विसेज, एयरलाइंस और जनरल इंश्योरेंस को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। इन सेक्टर में अर्निंग्स अनुमानों में कटौती (Downward Revisions) का जोखिम बना हुआ है। IT सेक्टर में ग्लोबल डिमांड की अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
क्या है रिस्क फैक्टर्स?
मार्केट का आउटलुक मजबूत होने के बावजूद, ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक दबाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्रूड ऑयल की कीमतें जो $90 से $100 प्रति बैरल के आसपास रही हैं, वे कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़त से कर्ज की लागत बढ़ रही है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को 6.00% से 6.25% के बीच स्थिर रखने की उम्मीद है। हालांकि, कॉर्पोरेट डेट लेवल्स अभी मैनेज किए जा सकते हैं, फिर भी निवेशकों को कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री और मार्जिन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
