ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi Shares ने 19 अगस्त, 2026 के लिए Bata India, IFCI और KFin Technologies को शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के लिए संभावित स्टॉक्स के तौर पर चुना है। फर्म का मानना है कि इन स्टॉक्स में पॉजिटिव टेक्निकल सिग्नल दिख रहे हैं, जो कीमत में तेजी ला सकते हैं।
Bata India: ट्रेंड रिवर्सल के संकेत
फुटवियर सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Bata India में टेक्निकल एनालिस्ट्स को ट्रेंड रिवर्सल के संकेत मिले हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि स्टॉक ₹650-700 के लेवल पर हायर-लो पैटर्न बना रहा है, जिसे एक सपोर्ट लेवल माना जा रहा है। स्टॉक Keltner Channel के मिड-बैंड से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो अक्सर वोलैटिलिटी और प्राइस डायरेक्शन को समझने में मदद करता है। ब्रोकरेज फर्म ने ₹750-760 की रेंज में खरीदने और ₹850 का टारगेट प्राइस सेट किया है। साथ ही, ₹699 का स्टॉप लॉस भी सुझाया गया है। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि फुटवियर का बिजनेस काफी कॉम्पिटिटिव है और कंज्यूमर डिमांड पर इसकी प्राइस स्टेबिलिटी निर्भर करती है।
IFCI में दिख रही पॉजिटिव मोमेंटम
IFCI भी एनालिस्ट्स की रडार पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के कंसॉलिडेशन फेज के बाद स्टॉक में एक कंस्ट्रक्टिव टेक्निकल सेटअप दिख रहा है। यह स्टॉक भी Keltner Channel के मिड-बैंड से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो ऊपर की ओर मोमेंटम शिफ्ट होने का संकेत दे सकता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 60.10 पर है, जिसे ट्रेडर्स पॉजिटिव मानते हैं। फर्म ने ₹77-79 की रेंज में खरीदारी की सलाह दी है, जिसका टारगेट ₹90 और स्टॉप लॉस ₹72.50 रखा गया है। यह भी ध्यान रखें कि IFCI जैसी फाइनेंशियल संस्थाएं इंटरेस्ट रेट साइकिल और सरकारी नीतियों के बदलावों के प्रति ज़्यादा सेंसिटिव हो सकती हैं।
KFin Technologies में बुलिश ब्रेकआउट
KFin Technologies में कंसॉलिडेशन के बाद एक बुलिश ब्रेकआउट देखा गया है। स्टॉक एक शॉर्ट-टर्म ट्रेंडलाइन को तोड़कर ऊपर निकला है, जो बाइंग प्रेशर बढ़ने का संकेत देता है। इसका RSI 63.48 पर है और डायरेक्शनल मूवमेंट इंडेक्स (DMI) भी बायर्स के पक्ष में दिख रहा है, जो स्टॉक में मजबूती का संकेत है। ब्रोकरेज फर्म ने ₹955-975 की रेंज में एंट्री का सुझाव दिया है, जिसका टारगेट ₹1055 और स्टॉप लॉस ₹910 है। हालांकि, यह कंपनी हाई प्राइस-टू-बुक वैल्यू पर ट्रेड कर रही है और पिछले तीन सालों में प्रमोटर होल्डिंग्स में गिरावट भी देखी गई है।
महत्वपूर्ण नोट: ये सभी कॉल्स शॉर्ट-टर्म टेक्निकल इंडिकेटर्स पर आधारित हैं। भू-राजनीतिक तनाव या क्रूड ऑयल की कीमतों जैसे फैक्टर्स से प्रभावित होने वाली मार्केट वोलैटिलिटी चार्ट पैटर्न को जल्दी ही ओवरराइड कर सकती है। ट्रेडर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि मैक्रो इकोनॉमिक कंडीशंस बदलने पर टेक्निकल सेटअप फेल हो सकते हैं। ये पिक्स केवल टेक्निकल मोमेंटम फॉलो करने वालों के लिए हैं, न कि कंपनी के फंडामेंटल्स पर आधारित लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट कॉल्स।
