InterGlobe Aviation: ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी बुलिश, IndiGo के लिए दिया **₹5,550** का टारगेट

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AuthorNeha Patil|Published at:
InterGlobe Aviation: ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी बुलिश, IndiGo के लिए दिया **₹5,550** का टारगेट

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने InterGlobe Aviation (IndiGo) पर 'Buy' रेटिंग दी है और **₹5,550** का टारगेट प्राइस सेट किया है। हालांकि कंपनी ईंधन के बढ़ते खर्चों और करेंसी उतार-चढ़ाव से जूझ रही है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की मजबूत मार्केट शेयर और कैश रिजर्व इसे लंबी अवधि में एक दमदार विकल्प बनाते हैं।

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने InterGlobe Aviation पर अपना कवरेज शुरू करते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है। फर्म का मानना है कि कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाएं और 900 से ज्यादा विमानों का ऑर्डर बुक इसे भारतीय एविएशन मार्केट में एक बड़ी बढ़त दिलाते हैं।

सितंबर तिमाही के नतीजे (Q2 Results)

सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के दौरान, IndiGo का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 25.9% बढ़कर लगभग ₹23,364 करोड़ रहा। कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन राहत की बात यह है कि नेट लॉस कम होकर ₹1,879 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,582 करोड़ था। यह दर्शाता है कि चुनौतीपूर्ण ग्लोबल माहौल के बावजूद कंपनी अपनी ऑपरेशनल दक्षता में सुधार कर रही है।

चुनौतियां और रेगुलेटरी रिस्क

मुनाफे की राह में फिलहाल कुछ कांटे हैं। ईंधन के खर्च में 67.2% का भारी उछाल और विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर रहे हैं। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। इसके अलावा, हाल ही में सरकार द्वारा लाए गए 'भारतीय वायुयान नियम, 2026' ने भी निवेशकों की चिंताएं बढ़ाई हैं। यह नियम हवाई किराए में पारदर्शिता और प्राइसिंग पर नए प्रतिबंध लगाता है, जिससे कंपनी की कीमतों को लेकर फ्लेक्सिबिलिटी पर असर पड़ सकता है।

मजबूत कैश पोजीशन

बाजार की दिक्कतों के बीच, IndiGo का बैलेंस शीट काफी मजबूत नजर आ रहा है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी के पास ₹39,929 करोड़ का फ्री कैश उपलब्ध था। यह लिक्विडिटी इसे SpiceJet या Air India जैसे प्रतिस्पर्धियों से अलग खड़ा करती है और कंपनी को बिना किसी बड़े कैश संकट के अपने ऑपरेशंस चलाने में मदद करती है।

आने वाले समय में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि एयरलाइंस नए रेगुलेटरी नियमों के बीच अपने टिकट की कीमतों को कैसे मैनेज करती है और फ्यूल कॉस्ट के झटकों को कितनी सफलतापूर्वक झेलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.