ई-कॉमर्स कंपनी Meesho पर मार्केट एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। एड-रेवेन्यू मॉडल को लेकर जहां कुछ ब्रोकरेज बुलिश हैं, वहीं घाटे और कमजोर फंडामेंटल्स की वजह से कुछ एक्सपर्ट्स ने बिकवाली की सलाह दी है।
एनालिस्ट्स की अलग-अलग राय
Meesho के बिजनेस मॉडल को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स में दो फाड़ हो गई है। अगस्त 2026 के अंत में, Ventura Securities ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दी है और ₹278 का टारगेट प्राइस सेट किया है। उनका मानना है कि कंपनी का 'जीरो-कमीशन' मॉडल सेलर्स को तेजी से आकर्षित कर रहा है, जिससे एड-बेस्ड रेवेन्यू में उछाल देखने को मिल सकता है।
दूसरी तरफ, MarketsMojo ने अगस्त की शुरुआत में ही शेयर को 'Sell' रेटिंग दे दी थी। उनका तर्क है कि कंपनी का ऑपरेटिंग लॉस लगातार बढ़ रहा है और फंडामेंटल स्ट्रेंथ बेहद कमजोर है।
चुनौतियां और फाइनेंशियल हेल्थ
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस है। वैल्यू-कॉमर्स सेक्टर में हाई कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट और घटते मार्जिन के बीच कंपनी को मुनाफे में आना चुनौती बना हुआ है। इसके अलावा, लो इंटरेस्ट कवरेज रेशियो ने कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर भी सवाल खड़े किए हैं। साथ ही, SoftBank जैसे बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स द्वारा हिस्सेदारी बेचने से भी शेयर पर सप्लाई-साइड का दबाव बना हुआ है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें 10 सितंबर, 2026 को होने वाली इन्वेस्टर मीटिंग पर टिकी हैं। कंपनी मैनेजमेंट इस मीटिंग में कैश बर्न को कम करने और यूनिट इकोनॉमिक्स में सुधार लाने के लिए अपनी योजनाओं का खुलासा कर सकती है। निवेशकों के लिए यह मीटिंग मैनेजमेंट के भरोसे और फ्यूचर ग्रोथ स्ट्रेटेजी को परखने का एक बड़ा मौका होगी।
