Choice Institutional Equities ने Dalmia Bharat पर 'Buy' रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन कंपनी का टारगेट प्राइस घटाकर ₹2,405 कर दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि FY27-28 के लिए कंपनी की कमाई (Earnings) का अनुमान थोड़ा कम करना पड़ सकता है। इसके पीछे मुख्य वजह बढ़ती इनपुट कॉस्ट है, खासकर पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और फ्यूल के मोर्चे पर। अनुमान है कि Q1FY27 में प्रति टन लागत ₹125-150 तक बढ़ सकती है, वहीं इंडिया रेटिंग्स का भी अनुमान है कि FY27 की पहली तिमाही तक कुल लागत में ₹175-200 प्रति मीट्रिक टन का इजाफा हो सकता है।
हालांकि, इन लागतों के दबाव के बावजूद, Dalmia Bharat ने मार्च 2026 में समाप्त हुई तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने रिकॉर्ड नेट सेल्स (Net Sales) और ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profits) दर्ज किए हैं। साथ ही, EBITDA मार्जिन में भी साल-दर-साल सुधर देखने को मिला और यह 21.25% पर पहुंच गया।
फिलहाल Dalmia Bharat का शेयर अपने अर्निंग्स के मुकाबले करीब 31x के P/E पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन इसके बड़े प्रतिद्वंद्वियों जैसे UltraTech Cement (लगभग 43-47x) और Shree Cement (50-52x) की तुलना में काफी कम है। वहीं, ACC Ltd. का P/E 9-11x और Ambuja Cements का P/E करीब 21.93x है।
भारतीय सीमेंट सेक्टर के लिए FY26 में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और हाउसिंग डिमांड से ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 12-18% की बढ़ोतरी का अनुमान है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, खासकर फ्यूल की कीमतों में वैश्विक उठापटक के कारण, मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी लागत वृद्धि से पीछे रह सकती है, जो मुनाफे को बनाए रखने के लिए एक चुनौती है।
पिछले तीन सालों में Dalmia Bharat का EBITDA मार्जिन थोड़ा कम हुआ है, जो वर्तमान में 18.22% पर है, जो इसके पांच साल के औसत 22.06% से नीचे है। यह दर्शाता है कि बढ़ती लागतों के बीच मुनाफे को फिर से बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कंपनी FY28 तक अपनी क्षमता को 75 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य रखती है। एनालिस्ट्स अब यह बारीकी से देखेंगे कि कंपनी भविष्य में लागतों को ग्राहकों पर प्रभावी ढंग से डाल पाती है या नहीं।
