मार्केट एनालिस्ट राजा वेंकटरामन ने HCL Technologies, Anand Rathi Wealth और Supreme Industries में तकनीकी सुधार (Technical Recovery) के पैटर्न की पहचान की है। Nifty 50 के **23,000** के स्तर के करीब संभलने की कोशिश के बीच इन शेयरों पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
घरेलू शेयर बाजार इन दिनों काफी उतार-चढ़ाव (Volatility) से गुजर रहा है, जहां मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट हर सेक्टर में तकनीकी मजबूती को परख रहे हैं। Nifty 50 के 23,000 के स्तर को बचाने की जद्दोजहद के बीच, तीन चुनिंदा शेयरों में संभावित रिकवरी के संकेत मिले हैं।
HCL Technologies में क्या है खास?
आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयर HCL Technologies में रिसिलिएंस (Resilience) दिख रही है। टेक्निकल चार्ट पर इसका 'रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स' (RSI) सपोर्ट लेवल की ओर इशारा कर रहा है। लार्ज-कैप आईटी कंपनी होने के नाते, इसके प्रदर्शन पर ग्लोबल आईटी स्पेंडिंग और मार्जिन मैनेजमेंट का सीधा असर पड़ता है।
Anand Rathi Wealth पर नजर
Anand Rathi Wealth के शेयरों में पिछले कुछ समय में ट्रेडिंग वॉल्यूम में इजाफा देखा गया है, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक इस स्टॉक में दिलचस्पी ले रहे हैं। वेल्थ मैनेजमेंट फर्म होने के कारण, कंपनी का रेवेन्यू सीधे मार्केट की सेहत और 'एसेट्स अंडर मैनेजमेंट' (AUM) से जुड़ा होता है।
Supreme Industries का टेक्निकल पैटर्न
Supreme Industries में तकनीकी एनालिस्टों को 'डबल-बॉटम' पैटर्न बनता दिख रहा है, जो अक्सर बिकवाली के बाद स्टेबलाइजेशन का संकेत माना जाता है। हालांकि, निवेशकों को याद रखना चाहिए कि कंपनी का कच्चा माल क्रूड ऑयल (Crude Oil) से जुड़ा है, इसलिए तेल की कीमतों में बदलाव इसके प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
बाजार का आउटलुक
बाजार फिलहाल ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में है। Nifty 50 के लिए अभी 23,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। जब तक इंडेक्स में वॉल्यूम सपोर्ट के साथ स्थिरता नहीं आती, तब तक मिड-कैप और स्मॉल-कैप में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
