Amundi के ग्लोबल CIO, विन्सेंट मोर्टियर ने AI मार्केट की तूफानी तेजी पर सवाल उठाए हैं। वैल्यूएशन की चिंता जताते हुए उन्होंने संकेत दिया है कि ग्लोबल कैपिटल अब उभरते बाजारों, खासकर India की ओर रुख कर सकता है।
AI स्टॉक्स के लिए मुश्किल वक्त?
Amundi के ग्लोबल CIO, विन्सेंट मोर्टियर का मानना है कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) स्टॉक्स में जो जबरदस्त रैली देखी गई है, वह अब ठंडी हो सकती है। निवेशकों के मन में अब यह बड़ा सवाल है कि क्या ये टेक कंपनियां अपने भारी-भरकम निवेश को मुनाफे में बदल पाएंगी। यदि कंपनियों की अर्निंग्स उम्मीद के मुताबिक नहीं रहती हैं, तो मार्केट में Volatility का खतरा बढ़ सकता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जिनका पोर्टफोलियो सिर्फ कुछ चुनिंदा टेक दिग्गजों पर टिका है।
भारत क्यों है निवेशकों की पसंद?
इस उठा-पटक के बीच भारत एक सुरक्षित और हाई-ग्रोथ मार्केट के रूप में उभर रहा है। मोर्टियर ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि देश का घरेलू विकास और वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline) बहुत मजबूत है। Amundi ने भारतीय शेयरों पर 'Overweight' रुख बनाए रखा है, जिसका सीधा मतलब है कि वे बेंचमार्क से ज्यादा निवेश भारतीय एसेट्स में कर रहे हैं। यहाँ तक कि मोर्टियर ने खुद भी निफ्टी-लिंक्ड ETF में निवेश कर रखा है।
ग्लोबल इंडेक्स और भारत का भविष्य
फिलहाल, ग्लोबल इंडेक्स में भारत का प्रतिनिधित्व उसकी वास्तविक क्षमता से काफी कम है। जैसे-जैसे ये इंडेक्स री-बैलेंस होंगे, भारत में भारी मात्रा में पैसिव और एक्टिव कैपिटल आने की उम्मीद है।
निवेश के जोखिम (Risks)
हालांकि, सब कुछ जोखिम-मुक्त नहीं है। भारत अभी भी ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों, विशेष रूप से ऊर्जा (Energy) के प्रति बेहद संवेदनशील है। अगर एनर्जी की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे महंगाई बढ़ सकती है और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, ग्लोबल लेवल पर बढ़ता कर्ज और भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव भी भारतीय बाजार के लिए एक चुनौती बना हुआ है।
