बाजार में बढ़ती उठापटक के बीच Alpha Capital के Mukesh Jindal ने निवेशकों को 'डिफेंसिव' होने की सलाह दी है। उन्होंने बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर को सुरक्षित निवेश के तौर पर चुना है, जबकि IT सेक्टर में AI के कारण आने वाली चुनौतियों के प्रति सावधान किया है।
बैंकिंग में स्थिरता का मंत्र
मुकेश जिंदल का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल एसेट क्वालिटी मजबूत है और ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) ऐतिहासिक निचले स्तरों पर हैं। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को चुनिंदा रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि निवेशकों को सिर्फ क्रेडिट ग्रोथ नहीं, बल्कि बैंक की 'डिपॉजिट फ्रेंचाइजी' की ताकत पर ध्यान देना चाहिए। चूंकि बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट की मांग डिपॉजिट की तुलना में तेज है, इसलिए जो बैंक कम लागत (Low-cost) पर डिपॉजिट जुटा पा रहे हैं, वे मार्जिन को बेहतर मैनेज कर पाएंगे।
टेलीकॉम: कैश फ्लो का नया ठिकाना
टेलीकॉम सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि अब यह इंडस्ट्री सिर्फ सब्सक्राइबर बढ़ाने की दौड़ में नहीं है। कंपनियों का ध्यान अब प्रति यूजर रेवेन्यू बढ़ाने (Monetization) पर है। इस बदलाव ने टेलीकॉम कंपनियों को कैश फ्लो के मामले में काफी स्थिर बना दिया है, जो अनिश्चित बाजार में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक सुरक्षित 'एंकर' का काम कर सकता है।
IT सेक्टर और मैक्रो चुनौतियां
दूसरी ओर, IT सेक्टर स्ट्रक्चरल बदलावों के दौर से गुजर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से क्लाइंट्स अब पुरानी तरह के मैनपावर-बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट्स से दूर हो रहे हैं। इससे दिग्गज IT कंपनियों के बिलिंग मॉडल पर दबाव बढ़ रहा है।
मैक्रो स्तर पर, Alpha Capital ने बाजार के अर्निंग ग्रोथ अनुमान को भी संशोधित किया है। जहां बाजार 15% से 17% की ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, वहीं जिंदल इसे 12% से 14% के बीच रहने का अधिक व्यावहारिक अनुमान मानते हैं। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखना जरूरी है। अगर क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के ऊपर रहता है, तो यह रिटेल महंगाई बढ़ा सकता है और RBI की मॉनेटरी पॉलिसी को सीमित कर सकता है।
