ब्रोकरेज फर्म Elara ने Alkem Laboratories पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है और ₹6,533 का टारगेट प्राइस तय किया है। हालांकि कंपनी अब क्रोनिक थेरेपी और बायोलॉजिक्स पर फोकस कर रही है, लेकिन Q1 FY27 में प्रॉफिट में **21.7%** की गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
लॉन्ग टर्म ग्रोथ की ओर कदम
Alkem Laboratories ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब बुखार या इन्फेक्शन जैसी एक्यूट थेरेपी (Acute therapies) पर अपनी निर्भरता कम कर रही है और डायबिटीज, कार्डियक और सेंट्रल नर्वस सिस्टम जैसी क्रोनिक केयर (Chronic care) सेगमेंट पर फोकस बढ़ा रही है। Elara का मानना है कि यह रणनीति कंपनी के भविष्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
वित्तीय प्रदर्शन और मार्जिन का दबाव
जहां ब्रोकरेज लंबी अवधि की रणनीति को लेकर उत्साहित है, वहीं हालिया तिमाही नतीजे कुछ दबाव दिखा रहे हैं। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 10.9% बढ़कर ₹3,740 करोड़ रहा। हालांकि, भारी टैक्स खर्च के कारण नेट प्रॉफिट 21.7% गिरकर ₹520 करोड़ रह गया। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA margin) भी पिछले साल के 21.9% से घटकर 20.5% पर आ गया है।
भविष्य के ग्रोथ इंजन
कंपनी की ग्रोथ रणनीति में Enzene BioSciences और स्विस मेडिकल डिवाइस मेकर Occlutech का अधिग्रहण अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल इन नए यूनिट्स पर कंपनी का खर्च ज्यादा है, जिसका असर मुनाफे पर दिख रहा है। इसके अलावा, भारत में semaglutide लॉन्च करने से भी कंपनी को डायबिटीज सेगमेंट में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी के पास ₹5,764 करोड़ (₹57.64 बिलियन) की मजबूत कैश पोजीशन है, लेकिन निवेशकों को मार्जिन में सुधार और नए वेंचर्स के खर्चों पर कड़ी नजर रखनी होगी। साथ ही, रेगुलेटरी अनुपालन (Regulatory compliance) और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज का निरीक्षण भी स्टॉक के सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है। फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपनी नई रणनीति से बॉटम-लाइन रिकवरी कैसे करती है।
