Morgan Stanley का Bharti Airtel को अपनी Asia-Pacific और Global Emerging Markets Focus Lists में शामिल करना, संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी का ऑपरेशनल परफॉरमेंस मजबूत है और फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) भी सॉलिड है। Morgan Stanley के अनुसार, भारतीय टेलीकॉम सेक्टर 'रिपेयर फेज' में है, जहां Average Revenue Per User (ARPU) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस सेक्टर की टैरिफ मोनेटाइजेशन स्ट्रेटेजी काफी असरदार साबित हो रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि 2026 के बाद भी, अतिरिक्त टैरिफ हाइक के बिना, ARPU में सालाना 5% की ग्रोथ बनी रहेगी। साथ ही, मोबाइल वायरलेस बिजनेस में 7% से 12% तक EBITDA ग्रोथ और ओवरऑल इंडिया ऑपरेशंस में लगभग 14% ग्रोथ का अनुमान है। कंपनी के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) साइकिल को देखते हुए, यह भारत में बिजनेस एक्सपेंशन और एफिशिएंसी के लिए एक अच्छी पोजीशन में है।
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर एक जटिल माहौल से गुजर रहा है। हालांकि, 2025 तक यह सेक्टर $48.61 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि Q4 2025 में रेवेन्यू ग्रोथ घटकर सिंगल डिजिट में आ गई है, जो पिछले डबल-डिजिट ग्रोथ से काफी अलग है। इस समय, Bharti Airtel ARPU के मामले में मार्केट में सबसे आगे है, जिसने Q3 FY26 में ₹259 दर्ज किया। यह Reliance Jio के ₹213.7 और Vodafone Idea (Vi) के ₹186 से काफी ज्यादा है। अक्टूबर 2025 तक 33.59% सब्सक्राइबर मार्केट शेयर के साथ, Airtel, Jio के 41.36% शेयर के मुकाबले बेहतर पोजीशन में है। हालांकि, Vodafone Idea लगातार सब्सक्राइबर खो रहा है, सिर्फ दिसंबर 2025 में ही 9.4 लाख यूजर्स गंवाए हैं, और उसकी वित्तीय स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कॉम्पिटिशन भी बना हुआ है, खासकर Fixed Wireless Access (FWA) सब्सक्राइबर्स के मामले में Jio थोड़ा आगे है, लेकिन Airtel भी अपने FWA ऑपरेशंस का तेजी से विस्तार कर रहा है।
Bharti Airtel के कोर इंडिया ऑपरेशंस (पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर को छोड़कर) का वैल्यूएशन, 1-year forward EV to EBITDA मल्टीपल पर लगभग 14x पर ट्रेड कर रहा है। Morgan Stanley का अनुमान है कि अगले बारह महीनों में यह प्रीमियम मल्टीपल बना रहेगा, और कोर बिजनेस के रिटर्न रेश्यो FY28 तक 20% के करीब पहुँच सकते हैं। कोर टेलीकॉम सर्विसेज के अलावा, Airtel अपने डेटा सेंटर बिजनेस, Nxtra, में भारी निवेश कर रहा है, जिसका लक्ष्य रणनीतिक पार्टनरशिप के जरिए कैपेसिटी को चार गुना बढ़ाना है। इसके डिजिटल रेवेन्यू में साल-दर-साल लगभग 24% की ग्रोथ देखी गई है, और इसके पेमेंट बैंक के यूजर्स 10.4 करोड़ को पार कर चुके हैं। कंपनी ने Indus Towers में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर अपनी एसेट बेस को ऑप्टिमाइज़ करने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। हालिया Q3 FY26 नतीजों में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹53,982 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 19.6% ज्यादा है। EBITDA मार्जिन 57.7% पर था, लेकिन स्टेटुटरी अर्निंग्स पर शेयर (EPS) एनालिस्ट अनुमानों से 5.7% कम रहा। स्टॉक फिलहाल ₹2,010-₹2,038 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹11.48-₹12.28 ट्रिलियन है और P/E रेशियो 33.45x से 40.06x TTM की रेंज में है।
Morgan Stanley के बुलिश रुख के बावजूद, कुछ ऐसे रिस्क फैक्टर्स भी हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। 2026 के बाद अगर ऑपरेटर्स टैरिफ हाइक से पीछे हटते हैं, तो ARPU ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल उठ सकते हैं। सेक्टर की कुल रेवेन्यू ग्रोथ में मंदी भी ARPU एक्सपेंशन की सीमा को दर्शाती है। हालांकि Bharti Airtel ARPU में आगे है, Reliance Jio की आक्रामक सब्सक्राइबर एक्विजिशन स्ट्रेटेजी और 5G रोलआउट कॉम्पिटिटिव दबाव बनाए हुए हैं। Vodafone Idea का सब्सक्राइबर लॉस और वित्तीय अस्थिरता, भले ही प्रतिद्वंद्वियों के लिए रास्ता साफ करे, लेकिन यह ब्रॉडर इंडस्ट्री में अस्थिरता भी लाता है। इसके अलावा, MarketsMOJO ने हाल ही में Bharti Airtel के Mojo Score को 'Buy' से घटाकर 'Hold' कर दिया है, जो प्राइस कंसॉलिडेशन और मिक्स्ड टेक्निकल सिग्नल्स को दर्शाता है। लेटेस्ट क्वार्टर में EPS अनुमानों से थोड़ा कम रहना भी यह संकेत देता है कि एग्जीक्यूशन हमेशा उम्मीदों से ऊपर नहीं होता।
कुल मिलाकर, एनालिस्ट Bharti Airtel के भविष्य को लेकर काफी आशावादी हैं। Citi Research FY26-FY28 के लिए Jio और Airtel के लिए 9-10% ARPU CAGR का अनुमान लगा रहा है, और 2026 को सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण साल मान रहा है, खासकर Jio के IPO को देखते हुए। Jefferies ने FY27 में 15% और FY28 में 10% टैरिफ हाइक्स की भविष्यवाणी की है। JM Financial और ICICI Securities जैसी अन्य ब्रोकरेज फर्मों ने भी 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है, जिनके टारगेट प्राइस क्रमशः ₹2050 और ₹1925 हैं। डेटा कंजम्पशन में लगातार ग्रोथ, 5G मॉनेटाइजेशन, और ब्रॉडबैंड व डिजिटल सर्विसेज के विस्तार से Bharti Airtel के रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी में और सुधार की उम्मीद है।