Aequs के निवेशकों के लिए आज का दिन काफी निराशाजनक रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के जो नतीजे पेश किए हैं, उनमें **₹52.3 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जिसके बाद शेयर में **19%** तक की बड़ी गिरावट देखी गई है।
घाटे की बड़ी वजह
कंपनी का रेवेन्यू भले ही 45% बढ़कर ₹409 करोड़ तक पहुंच गया हो, लेकिन खर्चों में 56% की उछाल ने सारा मुनाफा निगल लिया। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का घाटा ₹21 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹52.3 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
कंज्यूमर सेगमेंट में तगड़ा झटका
कंपनी के लिए कंज्यूमर बिजनेस सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण प्रोडक्शन वॉल्यूम की रफ्तार धीमी रही है। इसका असर कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) पर साफ दिखा है, जो पिछली तिमाही के 22% से गिरकर अब 17% रह गया है। नतीजतन, मैनेजमेंट ने कंज्यूमर सेगमेंट के लिए 'ब्रेक-ईवन' (Breakeven) के टारगेट को भी आगे खिसका दिया है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
बाजार के जानकारों में इस प्रदर्शन को लेकर काफी सावधानी है। ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने स्टॉक पर 'Reduce' रेटिंग बरकरार रखी है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) उनके अनुमानों से करीब 50% कम रहा है। हालांकि, होसुर (Hosur) में स्थित एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब अभी भी लॉन्ग टर्म के लिए एक पॉजिटिव फैक्टर माना जा रहा है, लेकिन फिलहाल कंज्यूमर बिजनेस की मुश्किलें निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
