Adani Wilmar ने Q2 FY27 में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और कंपनी का रेवेन्यू **26%** बढ़ा है। हालांकि, **₹6,600 करोड़** की भारी इन्वेंट्री जमा होने से कैश फ्लो प्रभावित हुआ है, जिस पर अब निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
Adani Wilmar ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में अपनी दमदार ग्रोथ का प्रदर्शन किया है। कंपनी के सभी मुख्य वर्टिकल्स में अच्छी मांग देखी गई है। सबसे बड़े बिजनेस 'एडिटेबल ऑयल' सेगमेंट में 23% की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि फूड-FMCG और इंडस्ट्री एसेंशियल्स सेगमेंट में क्रमशः 32% और 39% की रफ्तार से ग्रोथ हुई है। कंपनी की क्विक कॉमर्स में बढ़ती पकड़ का भी बड़ा योगदान रहा है, जहां बिक्री 54% बढ़ी है।
इन्वेंट्री का पेंच और कैश फ्लो
शानदार रेवेन्यू के बावजूद कंपनी को कैश फ्लो के मोर्चे पर चुनौती का सामना करना पड़ा है। इसके पीछे की मुख्य वजह ₹6,600 करोड़ की इन्वेंट्री का जमा होना है। मैनेजमेंट के अनुसार, सनफ्लावर ऑयल के इंपोर्ट में सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण यह स्थिति बनी है। कमोडिटी बिजनेस में इन्वेंट्री का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती होती है, क्योंकि इससे कंपनी का वर्किंग कैपिटल ब्लॉक हो जाता है।
आगे का रोडमैप और मार्जिन लक्ष्य
कंपनी अब अपने फूड और FMCG कारोबार को तेजी से फैलाने पर जोर दे रही है। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2028 तक इस सेगमेंट में हाई सिंगल-डिजिट प्रॉफिट मार्जिन हासिल करने का टारगेट रखा है। इसके लिए सोर्सिंग स्ट्रैटेजी को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी सुरक्षित रहे।
निवेशकों के लिए अब यह देखना बेहद जरूरी होगा कि कंपनी कब तक अपनी इन्वेंट्री को नॉर्मल स्तर पर ला पाती है और कैश फ्लो की स्थिति में सुधार कर पाती है। कंपनी का मार्जिन विस्तार और वर्किंग कैपिटल का कुशल प्रबंधन आने वाली तिमाहियों में शेयर की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
