Adani Power पर एनालिस्ट्स ने कवरेज शुरू कर दिया है और **₹220** का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी **42 GW** की क्षमता विस्तार में जुटी है, लेकिन हालिया तेजी और कर्ज का बोझ निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
बाजार में हलचल और रेटिंग
8 अक्टूबर, 2026 को बाजार में कमजोरी के बीच Adani Power के शेयरों में 6% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी को 'Accumulate' रेटिंग दी है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹220 रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल शेयर में 26% की जो उछाल आई है, उसमें भविष्य का काफी ऑप्टिज्म पहले ही डिस्काउंट हो चुका है।
एंबिशियस विस्तार और भूटान प्रोजेक्ट
कंपनी भारतीय पावर सेक्टर में अपने विस्तार को लेकर काफी आक्रामक है। Adani Power अपनी कुल कैपेसिटी को 42 GW तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें 24 GW का पाइपलाइन प्रोजेक्ट शामिल है। अच्छी बात यह है कि कंपनी ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रही है, जिससे लागत कम आती है और काम जल्दी पूरा होता है।
हाल ही में, 6 अक्टूबर, 2026 को कंपनी ने भूटान की Druk Green Power के साथ 770 MW के Chamkharchhu-I हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए करार किया है। यह कदम थर्मल पावर से हटकर एनर्जी पोर्टफोलियो में विविधता लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
फाइनेंशियल हेल्थ और कर्ज की चुनौती
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹19,322 करोड़ रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 33% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट 47% बढ़कर ₹4,867 करोड़ तक पहुंच गया है। हालांकि, निवेशकों की नजर कंपनी के कर्ज पर टिकी है। मार्च 2026 तक कंपनी का कंसोलिडेटेड कर्ज लगभग ₹53,556 करोड़ था।
निवेशकों के लिए अगला पड़ाव
बड़ी विस्तार योजनाओं और भारी कर्ज के बीच, कंपनी की वित्तीय सेहत इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपना कैश फ्लो कैसे मैनेज करती है। अब निवेशकों की निगाहें 23 अक्टूबर, 2026 पर हैं, जब कंपनी अपने दूसरे तिमाही के नतीजे घोषित करेगी। इन नतीजों में प्रॉफिट मार्जिन, कर्ज कम करने की रफ्तार और विस्तार कार्यों की प्रगति पर खास अपडेट मिलने की उम्मीद है।
