Adani Power के तिमाही नतीजे: क्या कहते हैं नंबर?
कंपनी ने 29 जनवरी, 2026 को अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। इस अवधि में Adani Power का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹2,480 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही के ₹3,057 करोड़ की तुलना में 18.9% कम है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले अवधियों की एकमुश्त आय (one-time prior period income) में कमी और बाजार में सुस्त मांग के कारण हुई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 8.9% घटकर ₹12,451 करोड़ पर आ गया। इसका मुख्य कारण ऑल-इंडिया एनर्जी डिमांड का सपाट रहना, जल्दी और लंबा मॉनसून, और मर्चेंट पावर टैरिफ में नरमी रहा।
EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 15.6% घटकर ₹4,240 करोड़ रहा। हालांकि, ईंधन की लागत कम होने से इसमें कुछ हद तक सुधार हुआ, लेकिन मर्चेंट रियलाइजेशन (merchant realizations) कम होने से मार्जिन पर असर पड़ा। पावर बिक्री वॉल्यूम 23.3 अरब यूनिट से मामूली बढ़कर 23.6 अरब यूनिट हो गया, जो मांग में आई रुकावटों के बावजूद कंपनी के बिजनेस मॉडल के लचीलेपन को दर्शाता है।
ब्रोकरेज की राय: क्यों है भरोसा?
तिमाही नतीजों में गिरावट के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Antique Stock Broking Adani Power पर बुलिश (Bullish) बनी हुई है। फर्म ने 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखते हुए शेयर के लिए ₹187 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह टारगेट मौजूदा स्तरों से करीब 40% के Upside यानी तेजी का संकेत देता है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी का एक्जीक्यूशन (Execution) ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है और भविष्य में कमाई की अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं।
अगरvaluation की बात करें तो Adani Power का P/E (Price-to-Earnings) Ratio करीब 21.78x (TTM) है, जो NTPC (14.22x) और Power Grid (15.89x) जैसे प्रतिस्पर्धियों से थोड़ा ज़्यादा है, लेकिन Tata Power (28.09x) से कम है। वहीं, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 20.58% है, जो प्रतिस्पर्धियों से काफी बेहतर स्थिति में है। 30 जनवरी, 2026 तक शेयर ₹134 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
भविष्य की योजनाएं: एक्सपेंशन और मजबूत फाइनेंस
Adani Power अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने और भविष्य की ग्रोथ के लिए आक्रामक योजनाएं बना रही है। कंपनी ने हाल ही में ₹7,500 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं, जिनका इस्तेमाल क्षमता विस्तार और वर्किंग कैपिटल को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। कंपनी लंबी अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) के जरिए अपने भविष्य के रेवेन्यू को सुरक्षित करने पर भी ध्यान दे रही है। हाल ही में असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से 3,200 MW का नया PPA हासिल करना इसी रणनीति का हिस्सा है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी की 23.7 GW की एक्सपेंशन पाइपलाइन में से लगभग आधा हिस्सा पहले से ही स्टेट DISCOMs के साथ PPAs के तहत अनुबंधित है, जिससे भविष्य की कमाई की गारंटी मिलती है।
कंपनी अगले 6 से 7 सालों में 24 GW नई जेनरेशन कैपेसिटी जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है, जिससे कुल कैपेसिटी FY2031-32 तक बढ़कर 42 GW तक पहुंचने का अनुमान है। यह विस्तार भारत में बढ़ती बिजली की मांग और आने वाले वर्षों में बेहतर मर्चेंट कीमतों की उम्मीदों पर आधारित है। हाल ही में अधिग्रहित 600 MW का Butibori पावर प्लांट भी अब पूरी तरह से चालू हो गया है, जिससे कंपनी की परिचालन क्षमता बढ़ी है।
सेक्टर का परिदृश्य
भारतीय पावर सेक्टर इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा है। जहां एक ओर नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली की मांग में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। FY25 में डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (DISCOMs) ने ऐतिहासिक ₹2,701 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो सरकारी नीतियों और सुधारों का नतीजा है। Adani Power की लंबी अवधि के PPAs हासिल करने और थर्मल क्षमता का विस्तार करने की रणनीति, इस बढ़ते ऊर्जा बाजार में उसे एक मजबूत स्थिति में ला सकती है।