Adani Power: शानदार Q2 नतीजों के बाद 45 GW का मेगा लक्ष्य, जानें ब्रोकरेज की राय

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AuthorNeha Patil|Published at:
Adani Power: शानदार Q2 नतीजों के बाद 45 GW का मेगा लक्ष्य, जानें ब्रोकरेज की राय

Adani Power ने दूसरी तिमाही में अपने कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में **21%** की उछाल दर्ज की है। कंपनी का फोकस अब **45 GW** क्षमता हासिल करने पर है, जिसके लिए कोर्बा और महान जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से चल रहा है।

मुनाफे में दमदार ग्रोथ

Adani Power के दूसरी तिमाही के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। कंपनी के एडजस्टेड EBITDA यानी कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सालाना आधार पर 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी के पीछे 11% की सेल्स वॉल्यूम में वृद्धि और प्लांट की कार्यक्षमता (Plant Load Factor) का 63% से बढ़कर 70.1% होना मुख्य कारण रहा है। साथ ही, कंपनी ने मर्चेंट पावर सेल्स पर अपनी निर्भरता को 24% से घटाकर 15% कर दिया है, जो लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPA) की ओर बढ़ते बदलाव को दर्शाता है।

ब्रोकरेज का नजरिया

नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर बुलिश रुख अपनाते हुए ₹259 का टारगेट प्राइस तय किया है। जानकारों के मुताबिक, कंपनी का बेहतर कैपेसिटी एक्जीक्यूशन और रणनीतिक बिक्री लॉन्ग-टर्म में इसे फायदा पहुंचाएगी।

भविष्य की बड़ी योजनाएं

कंपनी ने 2032 तक 45 GW की टोटल कैपेसिटी हासिल करने का रोडमैप तैयार किया है। इसके लिए कोर्बा फेज-2 की पहली 660 MW यूनिट ग्रिड से जुड़ चुकी है, जबकि दूसरी यूनिट दिसंबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। वहीं, महान फेज-2 का 1,600 MW का प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में है, जो 2028 की शुरुआत तक शुरू हो सकता है।

फाइनेंशियल सेहत और जोखिम

कंपनी अपनी कैपिटल स्पेंडिंग को व्यवस्थित तरीके से मैनेज कर रही है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने ₹125 अरब का निवेश किया है, जबकि सितंबर 2026 तक नेट डेट ₹458.5 अरब रहा। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो 2x पर स्थिर है, जो कि एक सुरक्षित दायरा माना जाता है। हालांकि, निवेशकों को प्रोजेक्ट्स में देरी, फ्यूल सप्लाई चेन की चुनौतियां और रेगुलेटरी बदलावों जैसे रिस्क फैक्टर्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.