Adani Enterprises ने इस साल बाजार में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए **41%** की छलांग लगाई है और शेयर का भाव **₹3,169** के पास पहुंच गया है। हालांकि ब्रोकरेज हाउसेस का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अब सारा दारोमदार कंपनी के मुनाफे (Earnings) पर टिका है।
बाजार की नई चाल: वैल्युएशन से आगे की हकीकत
Adani Enterprises के लिए साल 2026 बेहद शानदार रहा है। कानूनी और रेगुलेटरी बाधाएं हटने के बाद, स्टॉक 41% तक चढ़ चुका है। Motilal Oswal और Morgan Stanley जैसे दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस ने इस पर भरोसा जताते हुए ₹3,638 से ₹3,880 तक का टारगेट प्राइस दिया है।
हालांकि, मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अब 'आसान मुनाफा' कमाने का दौर खत्म हो चुका है। फिलहाल शेयर की कीमत में कंपनी की भविष्य की संभावनाओं का प्रीमियम पहले से ही शामिल है। चाहे एयरपोर्ट बिजनेस हो, रिन्यूएबल एनर्जी या डेटा सेंटर्स, इन सभी सेगमेंट की वैल्युएशन अपने साथियों (peers) के मुकाबले प्रीमियम पर चल रही है। अब स्टॉक में आगे की तेजी केवल मार्केट सेंटिमेंट से नहीं, बल्कि कंपनी की ठोस ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी से आएगी।
भविष्य की योजना: स्पिन-ऑफ और होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट
कंपनी ने 2027 से 2031 के बीच अपने प्रमुख बिजनेस वर्टिकल्स को अलग (spin-off) करने की योजना बनाई है। यह कदम वैल्यू अनलॉक करने के लिए है, लेकिन इसके साथ ही 'होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट' का जोखिम भी जुड़ा है। जब कंपनियां अलग होती हैं, तो निवेशक अक्सर पेरेंट कंपनी के बजाय सीधे स्पेसिफिक बिजनेस में पैसा लगाना पसंद करते हैं, जिसका असर ओवरऑल वैल्युएशन पर पड़ सकता है।
EBITDA लक्ष्य और ऑपरेशनल रिस्क
कंपनी के सामने अब FY29 तक ₹299 अरब का EBITDA हासिल करने का बड़ा लक्ष्य है। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपने छह अलग-अलग वर्टिकल्स को कैसे मैनेज करती है और एयरपोर्ट व सोलर प्रोजेक्ट्स में कितनी कुशलता दिखाती है। चूंकि ये प्रोजेक्ट्स काफी कैपिटल-इंटेंसिव हैं, इसलिए देरी या लागत बढ़ने का रिस्क हमेशा बना रहता है।
अब निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि जमीन पर कितना काम डिलीवर कर पाती है।
