ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने Acutaas Chemicals पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। कंपनी को साल 2030 तक **28%** की सालाना ग्रोथ मिलने की उम्मीद है, जिसकी बड़ी वजह CDMO बिजनेस और सेमीकंडक्टर केमिकल्स में एंट्री है।
Acutaas Chemicals इन दिनों निवेशकों के रडार पर है। ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने इस शेयर पर भरोसा जताते हुए इसे ₹3,800 का प्राइस टारगेट दिया है। 11 सितंबर 2026 को शेयर ₹3,380 से ₹3,412 के दायरे में ट्रेड करता दिखा, जबकि पिछले सत्र में इसमें 7% की शानदार उछाल देखी गई थी।
ग्रोथ के मुख्य इंजन
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन (CDMO) बिजनेस गेम चेंजर साबित होगा। उम्मीद है कि साल 2030 तक कंपनी 28% की CAGR ग्रोथ दर्ज करेगी। इसके अलावा, कंपनी अब स्पेशलिटी केमिकल्स सेगमेंट में भी बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। इस डिवीजन का रेवेन्यू जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹160 करोड़ था, वो साल 2030 तक ₹730 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। कंपनी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के लिए इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव्स पर खास फोकस कर रही है, जहां मार्जिन काफी बेहतर होता है।
फाइनेंशियल हेल्थ और सरकारी सपोर्ट
कंपनी के हालिया नतीजे दमदार रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹329.67 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 59.1% ज्यादा है। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 34.3% हो गया है। साथ ही, झगाडिया इलेक्ट्रोलाइट फैसिलिटी के लिए कंपनी को सरकारी स्कीम के तहत सपोर्ट मिल रहा है, जिसमें करीब ₹119.12 करोड़ का निवेश किया गया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने अपना 11वां पेटेंट हासिल कर अपनी बौद्धिक संपदा को और मजबूत कर लिया है।
जोखिम और ध्यान रखने वाली बातें
निवेशकों को कंपनी के सामने आने वाली चुनौतियों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव बना सकते हैं। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर केमिकल्स के प्रोडक्शन को स्केल करना और नए प्रोडक्ट्स का कमर्शियलाइजेशन करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। चूंकि यह एक एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बिजनेस है, इसलिए विदेशी मुद्रा की चाल और ग्लोबल लेवल पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
