Aarti Industries ने **₹1,000 करोड़** तक की पूंजी जुटाने की योजना बनाई है। इसके लिए **31 अक्टूबर 2026** को EGM बुलाई गई है, साथ ही कंपनी में बड़े नेतृत्व परिवर्तन हुए हैं।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
कंपनी में यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है। सुयोग कोटेचा ने 1 अक्टूबर 2026 से कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO का पद संभाल लिया है। पूर्व प्रमोटर एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स अब नॉन-एक्जीक्यूटिव भूमिकाओं में चले गए हैं, जो कंपनी की नई लीडरशिप स्ट्रक्चर को दर्शाता है।
धमाकेदार Q1 परफॉर्मेंस
कंपनी ने हाल ही में अपने Q1 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जो काफी मजबूत रहे हैं।
- रेवेन्यू: 41% बढ़कर ₹2,627 करोड़ रहा।
- नेट प्रॉफिट: 260% की जोरदार उछाल के साथ ₹155 करोड़ दर्ज किया गया।
- ग्रोथ का कारण: एक्सपोर्ट की बढ़ती मांग और गुजरात के झगड़िया (Jhagadia) साइट में फेज-I का सफल ऑपरेशन।
क्या है रिस्क और चुनौतियां?
कंपनी अपनी क्षमता बढ़ा रही है, लेकिन निवेशकों को कुछ पहलुओं पर नजर रखनी चाहिए:
- वर्किंग कैपिटल का दबाव: कंपनी के 'डेब्टर डेज' 50.1 से बढ़कर 61.8 दिन हो गए हैं, जिसका मतलब है कि पैसा ऑपरेशन्स में ज्यादा फंस रहा है।
- फंडिंग का तरीका: EGM में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी ₹1,000 करोड़ कैसे जुटाएगी। अगर इक्विटी के जरिए पैसे जुटाए जाते हैं, तो शेयरहोल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Dilution) का रिस्क हो सकता है।
- ग्लोबल तनाव: केमिकल सेक्टर भू-राजनीतिक तनावों और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जूझ रहा है।
नए मैनेजमेंट के सामने चुनौती केवल मार्जिन को बनाए रखने की ही नहीं, बल्कि बेहतर लिक्विडिटी और कैपिटल एलोकेशन की भी है।
