Choice Institutional Equities ने ACC के टारगेट प्राइस को ₹1,700 से घटाकर ₹1,445 कर दिया है। कंपनी के दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजे और मार्जिन पर दबाव इसकी बड़ी वजह है, हालांकि लॉन्ग-टर्म में Ambuja Cements के साथ सिनर्जी पर भरोसा बरकरार है।
टारगेट में कटौती की वजह
Choice Institutional Equities ने वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ACC के प्रति अपना नजरिया बदला है। ब्रोकरेज का मानना है कि सेल्स वॉल्यूम में कमी और बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के चलते कंपनी के मुनाफे पर भारी दबाव बना हुआ है। इसी के मद्देनजर, स्टॉक के वैल्युएशन मल्टीपल को भी घटा दिया गया है, जो कंपनी के ऑपरेशनल मुनाफे में रिकवरी को लेकर ब्रोकरेज की सावधानी को दर्शाता है।
लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए क्या हैं उम्मीदें?
बावजूद इसके, कुछ ऐसे फैक्टर्स हैं जो भविष्य में वैल्यू अनलॉक कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है Ambuja Cements के साथ जारी एकीकरण (Amalgamation) की प्रक्रिया, जिसके 2027 फाइनेंशियल ईयर तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे दोनों कंपनियों के बीच लागत कम होगी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी।
एक्सपेंशन और प्राइस हाइक
कंपनी ने अपनी कैपेसिटी में 3.4 MTPA का इजाफा किया है, जिससे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना है। साथ ही, इनपुट कॉस्ट का बोझ ग्राहकों पर डालने के लिए कंपनी ने सीमेंट की प्रति बोरी कीमत में ₹15 से ₹20 तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
आने वाले समय में, ब्रोकरेज ने 2026 से 2029 के बीच 7.3% की EBITDA ग्रोथ का अनुमान लगाया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी अपनी बढ़ी हुई प्रोडक्शन कैपेसिटी का इस्तेमाल कैसे करती है और क्या प्राइस हाइक से मार्जिन को स्थिर रखने में कामयाब हो पाती है।
