ACC Q2 Results: सीमेंट दिग्गज की मुनाफावसूली में गिरावट, EBITDA **54%** टूटा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
ACC Q2 Results: सीमेंट दिग्गज की मुनाफावसूली में गिरावट, EBITDA **54%** टूटा

ACC ने फिस्कल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कठिन मार्केट कंडीशंस और गिरती कीमतों के चलते कंपनी का EBITDA **54%** घटकर **₹3.7 अरब** रह गया है।

ACC Limited के लिए फिस्कल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी के नतीजों से साफ है कि भारतीय सीमेंट सेक्टर इस समय मुनाफे के भारी दबाव से गुजर रहा है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 5% गिरकर ₹56.4 अरब पर आ गया है, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA में 54% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹3.7 अरब पर सिमट गया है।

मार्जिन पर दबाव का असर

सीमेंट कंपनियों की सेहत मापने का मुख्य पैमाना 'EBITDA प्रति टन' होता है। ACC के लिए यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 51% गिरकर ₹360 पर आ गया है। हालांकि यह आंकड़ा एनालिस्ट्स के ₹341 के अनुमान से थोड़ा बेहतर जरूर है, लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन में 7.2% की बड़ी गिरावट के साथ यह 6.6% रह गया है। यह संकेत देता है कि लागत अधिक होने और सीमेंट की कीमतें उम्मीद से कम रहने के कारण कंपनी के कोर बिजनेस पर तगड़ी मार पड़ी है।

नेट प्रॉफिट में गिरावट का असली सच

कंपनी का नेट प्रॉफिट 51% गिरकर ₹1.6 अरब रहा। दिखने में यह आंकड़ा अनुमानों से बेहतर लग रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह ऑपरेशनल परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि वन-टाइम टैक्स बेनेफिट्स और अन्य आय (Other Income) है। निवेशकों को यह समझना होगा कि ये अस्थायी लाभ हैं, जो कंपनी के मुख्य सीमेंट बिजनेस में सुधार को नहीं दर्शाते हैं।

ब्रोकरेज की क्या है राय?

नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,170 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की वैल्यूएशन और प्रॉफिटेबिलिटी पर बना दबाव आगे भी जारी रह सकता है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगले दो फाइनेंशियल ईयर तक EBITDA प्रति टन पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए अब वॉल्यूम ग्रोथ और कंपनी के कॉस्ट-सेविंग प्लान पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.