रेवेन्यू में बंपर उछाल, पर टैक्स की मार से धीमा हुआ मुनाफ़ा
360 ONE WAM के चौथे तिमाही (Q4FY26) के नतीजे मिले-जुले रहे। एक तरफ कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 28% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर टैक्स के बढ़ते बोझ और कुछ अन्य वजहों से नेट प्रॉफिट की ग्रोथ उम्मीद से थोड़ी कम रही।
रेवेन्यू का तूफान, मुनाफे पर लगाम
कंपनी ने Q4FY26 में ₹8.3 अरब का ऑपरेटिंग रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 28% ज्यादा है। इस उछाल के पीछे 54% की तेज ट्रांजैक्शनल रेवेन्यू ग्रोथ और 20% की रिकरिंग रेवेन्यू ग्रोथ का बड़ा हाथ रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो ऑपरेटिंग रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹4,362 करोड़ पर पहुंच गया।
हालांकि, नेट प्रॉफिट में ग्रोथ 17% तक ही सीमित रही और यह ₹2.9 अरब रहा। इसकी मुख्य वजह ₹550 मिलियन का नेगेटिव 'अदर इनकम' रहा। कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 50.1% रहा, जो अनुमान से थोड़ा ज्यादा था, हालांकि पिछले साल के मुकाबले इसमें 120 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है। पूरे FY26 के लिए, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 22% बढ़कर ₹15 अरब रहा, जबकि कुल रेवेन्यू 4,362 करोड़ और नेट प्रॉफिट 1,216 करोड़ रहा, जो पिछले साल से क्रमश: 18% और 20% ज्यादा है।
एनालिस्टों का भरोसा बरकरार, शेयर पर निवेशकों की पैनी नजर
बावजूद इसके, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने 360 ONE WAM पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और 'सम-ऑफ-द-पार्ट्स' वैल्यूएशन के आधार पर शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,300 तय किया है। कुल मिलाकर 11 एनालिस्ट इस स्टॉक को 'स्ट्रॉन्ग बाय' मानते हैं, जिनका औसत 12 महीने का टारगेट ₹1,332.64 है। JM Financial ने भी 'Buy' रेटिंग दी है।
लेकिन शेयर बाजार ने नतीजों पर थोड़ी नरमी दिखाई। 22 अप्रैल, 2026 को 360 ONE WAM के शेयर लगभग 4.35% गिरकर ₹1,056 पर बंद हुए, जबकि BSE Sensex में 0.94% की गिरावट आई थी। निवेशक रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट ग्रोथ के बीच बढ़ते अंतर, साथ ही ऑपरेशनल मेट्रिक्स पर खास ध्यान दे रहे हैं।
बड़े जोखिम: टैक्स डिमांड और रेवेन्यू में अस्थिरता
निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 360 ONE WAM को इनकम टैक्स अथॉरिटी से ₹336.14 करोड़ का बड़ा टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी का मानना है कि उसके पास इसे चुनौती देने के मजबूत कानूनी आधार हैं और इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह अनिश्चितता एक जोखिम जरूर है। इसके अलावा, कंपनी का ट्रांजैक्शनल रेवेन्यू पर निर्भरता, जो 54% बढ़ा है, इसमें थोड़ी अस्थिरता ला सकता है। 50.1% का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो, जो थोड़ा ऊपर था, यह दिखाता है कि एफिशिएंसी पर अभी और काम की जरूरत है। तुलना के लिए, HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने Q4 FY26 में 81.5% का EBITDA मार्जिन रिपोर्ट किया था।
सेक्टर की ग्रोथ और कंपनी का भविष्य
भारत का वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर USD 154 अरब का है और इसके FY2030 तक 15-17% सालाना की दर से बढ़ने की उम्मीद है। 360 ONE WAM इस सेक्टर में काम कर रही है, जहां AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) में लगातार वृद्धि महत्वपूर्ण है। कंपनी का टोटल ARR AUM 26% बढ़कर ₹311,940 करोड़ हो गया, जबकि टोटल AUM ₹6.7 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले पांच सालों में 22% CAGR की दर से बढ़ा है। एनालिस्टों का अनुमान है कि कंपनी का EPS ग्रोथ 16.1% सालाना और रेवेन्यू ग्रोथ 9% प्रति वर्ष रहेगी। कंपनी अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स पर फोकस और स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन के साथ लंबी अवधि की ग्रोथ की कहानी बनाने में जुटी है। कंपनी ने ₹6 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।
