बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बीच, एनालिस्ट्स ने 11 लार्ज-कैप भारतीय स्टॉक्स की पहचान की है जिनमें अगले 12 महीनों में 20% से ज्यादा का अपसाइड पोटेंशियल (Upside Potential) दिख रहा है। ये स्टॉक घरेलू कारोबार पर फोकस करते हैं।
बाजार में बढ़ी उथल-पुथल, एनालिस्ट्स की नई तलाश
खाड़ी क्षेत्र में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों काफी उथल-पुथल देखी जा रही है। ऐसे माहौल में, मार्केट एनालिस्ट्स (Market Analysts) अब उन लार्ज-कैप (Large-Cap) कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं जिनका बिजनेस मॉडल घरेलू मांग पर आधारित है, जिनकी बैलेंस शीट मजबूत है और मैनेजमेंट अनुभवी है।
11 स्टॉक्स में 20% से ज्यादा का पोटेंशियल
Refinitiv's Stock Report Plus की 25 अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे 11 लार्ज-कैप स्टॉक्स की पहचान की गई है, जिन्हें इंस्टीट्यूशनल ब्रोकर्स (Institutional Brokers) से 'Buy' या 'Strong Buy' रेटिंग मिली हुई है। इन स्टॉक्स में अगले 12 महीनों में 20% या उससे अधिक की ग्रोथ की उम्मीद जताई जा रही है।
कैसे हुआ इन स्टॉक्स का चयन?
इस लिस्ट में शामिल कंपनियों का चयन कुछ खास फाइनेंशयल और एनालिटिकल बेंचमार्क्स (Analytical Benchmarks) के आधार पर किया गया है। हर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) कम से कम ₹25,000 करोड़ होना चाहिए। इसके अलावा, कम से कम दो एनालिस्ट्स ने 20% से ज्यादा के 12-महीने के अपसाइड टारगेट (Upside Target) दिए हैं। यह तरीका उन कंपनियों को अलग करने में मदद करता है जो ग्लोबल ट्रेड या कैपिटल कॉस्ट (Cost of Capital) में उतार-चढ़ाव जैसे बाहरी झटकों को झेलने में बेहतर स्थिति में हो सकती हैं।
किन कंपनियों पर है फोकस?
इस लिस्ट में शामिल कंपनियों में Reliance Industries Limited (ऊर्जा, रिटेल, डिजिटल सर्विसेज), ITC Limited (FMCG, होटल, एग्रीकल्चर), ICICI Bank Limited, Max Financial Services Limited, Tata Consumer Products Limited, NTPC Limited, और Mahindra and Mahindra Limited जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा Procter & Gamble Hygiene and Health Care Limited, Vedanta Aluminium Metal Limited, और Tata Communications Limited का भी जिक्र है।
निवेशकों के लिए सलाह और जोखिम
हालांकि ये अनुमान ब्रोकर्स की सकारात्मक राय पर आधारित हैं, लेकिन निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि ये सिर्फ अनुमान हैं, गारंटी नहीं। बाजार की अस्थिरता (Volatility) के कारण स्टॉक की कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव आ सकता है। खासकर उन स्टॉक्स में जिनमें हाई ग्रोथ (High Growth) की उम्मीदें होती हैं, अगर नतीजे उम्मीदों के मुताबिक नहीं आते तो भारी गिरावट का खतरा रहता है।
निवेशकों को सिर्फ इंडेक्स मूवमेंट (Index Movement) पर ध्यान देने के बजाय हर कंपनी के इंट्रिंसिक वैल्यू (Intrinsic Value) और लॉन्ग-टर्म बिजनेस पोटेंशियल (Long-term Business Potential) का विश्लेषण करना चाहिए।
