डिजिटल लेंडर mPokket ने अपने बिजनेस को रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। कंपनी अगले तीन सालों में **₹25,000 करोड़** का एनुअल लोन डिस्बर्सल और **₹20,000 करोड़** का लोन बुक बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
छोटे शहरों पर कंपनी की नजर
mPokket का यह एक्सपेंशन प्लान मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों पर केंद्रित है। कंपनी उन ग्राहकों तक पहुंच बनाना चाहती है, जिन्हें पारंपरिक बैंकों से लोन लेने में दिक्कत आती है क्योंकि उनका क्रेडिट स्कोर या फॉर्मल क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती है।
नई-टू-क्रेडिट (NTC) सेगमेंट में मजबूती
कंपनी ने अब तक 65 लाख ग्राहकों को सर्विस दी है, जिनमें ज्यादातर छात्र और युवा वर्किंग प्रोफेशनल्स हैं। पिछले तीन सालों में कंपनी का यूजर बेस 20% की सालाना दर से बढ़ा है, जो इस सेगमेंट में कर्ज की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
माइक्रो-लोन से बिजनेस लोन की ओर
अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए mPokket अब सिर्फ माइक्रो-लोन तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी अब स्मॉल बिजनेस मालिकों के लिए ₹2 लाख तक का लोन ऑफर कर रही है। बड़े टिकट साइज के लोन देकर कंपनी अपने पोर्टफोलियो को विविधता दे रही है और फाइनेंशियल इकोसिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
रिस्क और रेगुलेटरी चुनौतियां
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की फिनटेक कंपनियों पर बढ़ती निगरानी के बीच कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'एसेट क्वालिटी' को बनाए रखना होगी। तेजी से लोन बुक बढ़ाने के साथ-साथ डिफॉल्ट रिस्क को मैनेज करना कंपनी के लिए एक बड़ा टेस्ट होगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कम ब्याज दर पर फंड जुटाने और लोन रिकवरी के बीच कैसे संतुलन बिठाती है।
