Zerodha की सब्सिडियरी, Zerodha Corporate Advisors को मर्चेंट बैंकिंग बिजनेस शुरू करने के लिए SEBI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी अब IPO और कॉर्पोरेट फंडरेजिंग जैसे कामों में हाथ आजमाएगी।
अब IPO मैनेज करेगी Zerodha
फाइनेंशियल मार्केट की दिग्गज कंपनी Zerodha अब इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की दुनिया में कदम रखने की तैयारी कर रही है। SEBI ने कंपनी की सब्सिडियरी, Zerodha Corporate Advisors Pvt Ltd को मर्चेंट बैंकिंग का लाइसेंस पाने के लिए जरूरी मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही कंपनी अब IPO (Initial Public Offering), फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर और अन्य कॉर्पोरेट फंडरेजिंग डील्स को मैनेज करने के योग्य हो गई है। हालांकि, कामकाज शुरू करने के लिए कंपनी को अभी औपचारिक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
क्यों लिया ये बड़ा फैसला?
यह कदम Zerodha की ओर से अपनी कमाई के जरियों को बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति है। कंपनी ने साल 2025 के अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स में रेवेन्यू घटकर ₹8,500 करोड़ और नेट प्रॉफिट में 23.6% की गिरावट के साथ ₹4,200 करोड़ दर्ज की थी। फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग में आए रेगुलेटरी बदलावों के बाद अपने मुख्य ब्रोकरेज बिजनेस पर बढ़ते दबाव को देखते हुए, कंपनी अब कॉर्पोरेट एडवाइजरी और कैपिटल मार्केट सर्विसेज जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है।
रेगुलेटरी चुनौतियां और मुकाबला
मर्चेंट बैंकिंग के लिए SEBI के नियम काफी सख्त हैं। नई कैटेगरी-I इकाई के रूप में Zerodha को कम से कम ₹50 करोड़ की नेटवर्थ बनाए रखनी होगी। साथ ही, लिक्विड एसेट्स और अंडरराइटिंग ऑब्लिगेशन को लेकर भी सख्त गाइडलाइन्स हैं।
बाजार में उतरते ही कंपनी को Kotak Mahindra Capital और JM Financial जैसे पुराने और दिग्गज प्लेयर्स से कड़ी चुनौती मिलेगी, जिनकी बड़े कॉरपोरेट्स के साथ गहरी पकड़ है। अब देखना यह होगा कि Zerodha किस तरह से अपने मौजूदा रिटेल बेस को नए कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के साथ जोड़ पाती है और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी जगह कैसे बनाती है।
