Zaggle Prepaid Ocean Services ने Unobanc में करीब 20% हिस्सेदारी के लिए ₹7.97 करोड़ का निवेश किया है। इस डील का मकसद Zaggle की क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट, फॉरेक्स और रेमिटेंस सेवाओं को मजबूत करना है। यह डील अगले 90 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है।
Detailed Coverage
Zaggle Prepaid Ocean Services ने अंतरराष्ट्रीय डिजिटल पेमेंट्स में माहिर कंपनी Unobanc में ₹7.97 करोड़ तक के रणनीतिक निवेश की घोषणा की है। इस सौदे के तहत, Unobanc में करीब 20% हिस्सेदारी हासिल की जाएगी। इस कदम से Zaggle को अपनी सेवाओं का विस्तार घरेलू बाजार से बाहर करने और फॉरेन एक्सचेंज (Forex) व ग्लोबल रेमिटेंस (Remittance) के क्षेत्र में नई क्षमताएं जोड़ने में मदद मिलेगी।
फाइनेंशियल सर्विस को मजबूती
यह पूंजी निवेश, जिसे कंपनी एक या एक से अधिक किश्तों में जारी करने की योजना बना रही है, क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शंस के लिए Zaggle के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारत में मुख्य रूप से कॉर्पोरेट स्पेंड मैनेजमेंट और एम्प्लॉई बेनिफिट्स सॉल्यूशंस के लिए जानी जाने वाली कंपनी के लिए यह कदम अंतरराष्ट्रीय पेमेंट्स मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की ओर एक बड़ा कदम है। इस निवेश के अगले 90 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
Unobanc की वित्तीय ग्रोथ
2019 में स्थापित Unobanc, Hop Financial Solutions की सहायक कंपनी है और क्रॉस-बॉर्डर फाइनेंशियल सेवाओं के लिए टेक्नोलॉजी बैकबोन प्रदान करती है। पिछले तीन फाइनेंशियल इयर्स में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार देखा गया है। मार्च 2025 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए, Unobanc ने ₹17.40 करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹15.63 करोड़ और 2022-23 के ₹14.40 करोड़ से अधिक है। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) में भी पिछले साल के सिर्फ ₹0.05 करोड़ की तुलना में 2024-25 में ₹1.37 करोड़ का महत्वपूर्ण उछाल आया है।
रेगुलेटरी और ट्रांजैक्शन की जानकारी
Unobanc के पास वर्तमान में Fully Fledged Money Changing का लाइसेंस है और वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से Authorised Dealer Category II का लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। निवेशकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि Zaggle ने पुष्टि की है कि यह डील एक आर्म्स लेंथ ट्रांजैक्शन है, जिसका मतलब है कि Zaggle के किसी भी प्रमोटर या संबंधित पार्टी का Unobanc में कोई हित नहीं है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने बताया कि इस निवेश के लिए किसी खास रेगुलेटरी या सरकारी अप्रूवल की आवश्यकता नहीं है।
निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?
शेयरधारकों के लिए मुख्य फोकस Unobanc की टेक्नोलॉजी का Zaggle के मौजूदा प्लेटफॉर्म में सफल इंटीग्रेशन होगा। चूंकि क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट स्पेस अत्यधिक रेगुलेटेड और प्रतिस्पर्धी है, इसलिए निवेशक Unobanc के Authorised Dealer Category II लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रगति पर नज़र रख सकते हैं, क्योंकि यह साझेदारी की ऑपरेशनल सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, यह विस्तार Zaggle के समग्र प्रॉफिट मार्जिन और कैश फ्लो को भविष्य के तिमाहियों में कैसे प्रभावित करता है, इस पर निगरानी रखने से यह जानने में मदद मिलेगी कि क्या यह रणनीति अंतरराष्ट्रीय रेवेन्यू स्ट्रीम को प्रभावी ढंग से बढ़ाती है।
