नतीजों पर एक गहरी नज़र
Zaggle ने इस तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस के साथ बाज़ार को चौंका दिया है। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹498 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 47.9% ज़्यादा है। आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) में तो 77.7% की जोरदार उछाल आई और यह ₹36 करोड़ तक पहुँच गया। इस तिमाही में कंपनी के लिए प्रोग्राम फीस से ₹211 करोड़, प्रोपेल पॉइंट्स से ₹275 करोड़ और SaaS प्लेटफॉर्म फीस से ₹12 करोड़ का रेवेन्यू आया। Adjusted EBITDA में 62.9% का इज़ाफ़ा हुआ और यह ₹51 करोड़ पर पहुँच गया, जो कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार दिखाता है। PAT मार्जिन सुधरकर 7.2% हो गया।
नौ महीनों की बात करें तो, 31 दिसंबर 2025 तक रेवेन्यू ₹1,260 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 41.4% ज़्यादा है। वहीं, PAT 71% बढ़कर ₹95 करोड़ हो गया, जिसने पूरे FY25 के प्रॉफिट को पीछे छोड़ दिया।
ग्रोथ के पीछे की मज़बूत स्ट्रेटेजी
Zaggle की इस शानदार ग्रोथ का राज़ उसकी मल्टी-प्रोंग स्ट्रेटेजी में छिपा है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने कामों में गहराई से जोड़ रही है। Agentic AI वर्कफ़्लोज़ के ज़रिए वेंडर रिकंसिलिएशन और टैक्स कम्प्लायंस जैसे ज़रूरी कामों को ऑटोमेट किया जा रहा है, जिससे प्रोडक्ट डेवलपमेंट का समय 75 दिनों से घटकर 30 दिनों से भी कम हो गया है।
Acquisitions (अधिग्रहण) भी ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रहे हैं। Greenedge, जिसे पहले अधिग्रहित किया गया था, उसका रेवेन्यू FY25 के ₹36 करोड़ से बढ़कर FY26 में अब तक ₹65 करोड़ हो गया है। इसने Amex और NPCI जैसी बड़ी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप को मजबूत किया है। इसी तरह, Mobileware (जिसे अब 86400 के नाम से जाना जाता है) ने 11 नए बैंक और फिनटेक पार्टनरशिप हासिल किए हैं, और इसका रेवेन्यू FY24 के ₹17 करोड़ से बढ़कर FY26 में अब तक ₹50 करोड़ से ज़्यादा हो गया है। हाल ही में Rio.money (जिसे ZAGG.money नाम दिया गया है) के अधिग्रहण से कंपनी को एक चौथा मोनेटाइजेशन पिलर मिला है, जिसका लक्ष्य 3.7 मिलियन सैलरीड यूज़र्स तक पहुँचना है, और इसके लिए ₹100 करोड़ से ज़्यादा का कैपिटल इंफ्यूज़न प्लान किया गया है।
भविष्य की बड़ी योजनाएं
Zaggle भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य तय कर रही है। कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने की योजना बना रही है, जिसके लिए वह अबू धाबी, UAE में एक एंटिटी स्थापित करेगी और GIFT सिटी में Zaggle Payments IFSC Limited का गठन किया है। कंपनी का लॉन्ग-टर्म विज़न अगले 5-7 सालों में $1 बिलियन का रेवेन्यू और 14-15% का Adjusted EBITDA मार्जिन हासिल करना है। निवेशकों की निगाहें इस बात पर होंगी कि कंपनी FY27 तक पॉज़िटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो (OCF) कैसे हासिल करती है, जिसके लिए FY26 तक ब्रेक-ईवन का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा समय में कंपनी के पास पिछले फंडरेज़ से ₹445 करोड़ कैश है, जिससे नज़दीकी भविष्य में अतिरिक्त इक्विटी डाइल्यूशन की कोई ज़रूरत नहीं दिखती।
अहम माइलस्टोन्स
वित्तीय नतीजों के अलावा, Zaggle ने कई महत्वपूर्ण माइलस्टोन्स भी हासिल किए हैं। ZAGG.money का अधिग्रहण पूरा होना, GIFT सिटी सब्सिडियरी का गठन और UAE एंटिटी का फाइनल होना अहम रणनीतिक कदम हैं। Visa के साथ 7 साल और Mastercard के साथ 5 साल की महत्वपूर्ण पार्टनरशिप रिन्यू हुई हैं, साथ ही Amex और NPCI के साथ रिश्ते और मज़बूत हुए हैं। कंपनी ने Suryoday Small Finance Bank के साथ UPI पर क्रेडिट लाइन भी लॉन्च की और Euronet Services India के साथ पार्टनरशिप की। CEO श्री अविनाश गोडकिंदी को मिले पुरस्कारों ने भी कंपनी की प्रोफाइल को बढ़ाया है। Dice का अधिग्रहण भी जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।