Zaggle का बड़ा दांव: Fintech Unobanc में ₹7.96 करोड़ में खरीदी 20% हिस्सेदारी!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Zaggle का बड़ा दांव: Fintech Unobanc में ₹7.96 करोड़ में खरीदी 20% हिस्सेदारी!

Zaggle Prepaid Ocean Services, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट और रेमिटेंस क्षमताओं को मजबूत करने के लिए Fintech कंपनी Unobanc Private Limited (moneyHOP की ऑपरेटर) में लगभग ₹7.96 करोड़ का निवेश कर रही है। कंपनी इस डील के जरिए Unobanc में **19.90%** हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Detailed Coverage

Zaggle का Fintech में निवेश

Zaggle Prepaid Ocean Services Limited ने Fintech कंपनी Unobanc Private Limited में ₹7.96 करोड़ के निवेश को मंजूरी दे दी है। इस निवेश के जरिए Zaggle, Unobanc में 19.90% हिस्सेदारी हासिल करेगी। Unobanc, moneyHOP ब्रांड के तहत क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट और रेमिटेंस सर्विसेज पर फोकस करती है।

इंटरनेशनल पेमेंट्स पर फोकस

इस स्ट्रैटेजिक मूव का मकसद Unobanc की खास टेक्नोलॉजी को Zaggle के मौजूदा स्पेंड मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट करना है। इस हिस्सेदारी से Zaggle अपनी सर्विसेज का दायरा बढ़ाकर फॉरेन एक्सचेंज सॉल्यूशंस और इंटरनेशनल मनी ट्रांसफर जैसी सुविधाएं भी शामिल कर पाएगी। यह डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में कंपीट करने की कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

Zaggle मैनेजमेंट का कहना है कि यह निवेश एक या कई किश्तों में पूरा किया जाएगा। कंपनी के लिए यह अपने डोमेस्टिक स्पेंड मैनेजमेंट बिजनेस से आगे बढ़कर तेजी से बढ़ते क्रॉस-बॉर्डर फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में अपनी जगह बनाने का एक अहम कदम है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

हालांकि यह निवेश कंपनी के कुल स्केल के मुकाबले काफी छोटा है, लेकिन निवेशकों की नजर इस पार्टनरशिप के एग्जीक्यूशन पर रहेगी। Zaggle कॉम्पिटिटिव Fintech स्पेस में है, जहां दूसरे खिलाड़ी भी एक्सपेंस मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट कार्ड और पेरोल सॉल्यूशंस ऑफर करते हैं। क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट फर्म को इंटीग्रेट करने में RBI के फॉरेन एक्सचेंज गाइडलाइंस का अनुपालन और शुरुआती इंटीग्रेशन कॉस्ट का प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ने जैसे जोखिम शामिल हैं।

निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि Zaggle इन नई इंटरनेशनल सर्विसेज को कितनी तेजी से लॉन्च कर पाती है और क्या moneyHOP के कस्टमर बेस को पेरेंट कंपनी के लिए रेवेन्यू स्ट्रीम में बदला जा सकता है। जैसे-जैसे कंपनी इस तरह के पार्टनरशिप के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ पर खर्च कर रही है, कैश फ्लो और ROI पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.