वेल्थ-टेक कंपनी ZFunds ने एक नया B2B प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को अपने ग्राहकों के लिए US इक्विटी और ETF ट्रेडिंग की सुविधा देने में मदद करेगा। यह कदम उन निवेशकों के लिए राहत की बात है जो घरेलू फीडर फंड्स पर लगी पाबंदियों के बाद ग्लोबल मार्केट की तलाश में थे।
बाजार की जरूरत और समाधान
हाल के दिनों में जब कई भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने अपने इंटरनेशनल फीडर फंड्स में नए निवेश को रोक दिया था, तब निवेशकों के सामने ग्लोबल मार्केट का रास्ता लगभग बंद हो गया था। ZFunds का यह नया प्लेटफॉर्म वेल्थ मैनेजर्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स के लिए एक विकल्प लेकर आया है, जिससे वे अपने क्लाइंट्स को US लिस्टेड इंस्ट्रूमेंट्स तक सीधी पहुंच दिला सकते हैं। कंपनी ने बैकएंड ब्रोकरेज सेवाओं के लिए ViewTrade के साथ साझेदारी की है।
क्या है खास और कितनी है फीस?
इस प्लेटफॉर्म पर निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स के थीमेटिक ETFs के साथ-साथ डॉलर-डिनोमिनेटेड US ट्रेजरी बिल्स में भी निवेश कर सकेंगे। यहाँ निवेश की शुरुआत कम से कम $100 से की जा सकती है। ब्रोकरेज फीस की बात करें तो यह 0.3% प्रति ट्रेड से शुरू होती है और बड़े वॉल्यूम पर घटकर 0.1% तक रह जाती है।
टैक्स और रिस्क का ध्यान
विदेशी निवेश में सबसे बड़ी चुनौती टैक्स अनुपालन (compliance) की होती है। ZFunds ने प्लेटफॉर्म में पहले से तैयार डॉक्यूमेंटेशन की सुविधा दी है, जो Schedule FA जैसे फॉर्म भरने में निवेशकों की मदद करेगी। हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि विदेशी निवेश में करेंसी रिस्क और LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत RBI के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
आगे की राह
ZFunds की योजना जल्द ही UCITS फंड्स को भी अपने प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की है, जिससे निवेशकों को अमेरिका के अलावा अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निवेश के मौके मिलेंगे। अब देखना यह होगा कि वेल्थ मैनेजर्स के बीच यह प्लेटफॉर्म कितनी जल्दी अपनी जगह बना पाता है।
