Yes Bank के Q4 नतीजों पर एक नज़र
Yes Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 45% बढ़कर ₹10.7 अरब (INR 10.7 billion) हो गया है। यह ग्रोथ काफी हद तक बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है।
बैंक के इंटरेस्ट मार्जिन में सुधार देखा गया, जो बढ़कर 2.7% हो गया है। यह तिमाही और सालाना दोनों आधार पर बढ़त दिखाता है। साथ ही, बैंक की कुल डिपॉजिट्स में 12% की वृद्धि हुई है, खासकर करंट और सेविंग अकाउंट्स (CASA) से आई लो-कॉस्ट डिपॉजिट्स में अच्छी ग्रोथ रही। लोन ग्रोथ भी 11% साल-दर-साल दर्ज की गई।
एनालिस्ट्स की चिंताएं
हालांकि, शानदार नतीजों के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने बैंक के शेयरों पर अपनी 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹24 से घटाकर ₹21 कर दिया है।
इस कटौती का मुख्य कारण रिटेल सेगमेंट में बढ़ते खराब लोन (Bad Loans) हैं, जो सेक्टर के मुकाबले 2.8% की दर से अधिक हैं। इसके अलावा, बैंक की रणनीतिक एसेट रिकवरी (Strategic Asset Recovery) के धीमे रहने की उम्मीद भी चिंता का विषय है।
सेक्टर की चुनौतियां और Yes Bank की पोजिशन
Yes Bank का लो-कॉस्ट डिपॉजिट रेश्यो (लगभग 35%) बड़े बैंकों जैसे HDFC Bank (लगभग 41%) और SBI (लगभग 39%) से कम है, जो महंगी फंडिंग पर अधिक निर्भरता दिखाता है।
बैंक का वैल्यूएशन भी चिंता का विषय है। यह 19.75-20.1x के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो SBI (11-13x) से काफी ऊपर और Nifty Bank Index (लगभग 15x) की औसत से भी अधिक है।
ICICI Securities ने ₹21 का नया टारगेट प्राइस, FY28 के लिए अनुमानित बुक वैल्यू पर शेयर (BVPS) के लगभग 1.1 गुना वैल्यूएशन के आधार पर तय किया है। ब्रोकरेज बैंक के कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट और क्रेडिट कॉस्ट में और सुधार का इंतजार कर रहा है।
अन्य एनालिस्ट भी सतर्क दिख रहे हैं, जिनका कंसेंसस रेटिंग 'Sell' की ओर झुका है और औसत टारगेट प्राइस ₹19.36 से ₹20.10 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से सीमित तेजी की ओर इशारा करता है।
बैंक के पास 13.8% का Common Equity Tier 1 (CET1) कैपिटल रेशियो है, जो रेगुलेटरी कंप्लायंस के लिए पर्याप्त है। हालांकि, बैंक का पिछला इतिहास (जैसे मार्च 2020 में RBI मॉरेटोरियम) और कॉर्पोरेट लोन की समस्याएं भी निवेशकों के जहन में हैं।
