Axis Trustee ने Yes Bank को कड़ी चेतावनी दी है। बैंक को **₹8,415 करोड़** के AT-1 बॉन्ड्स को **3** दिन के भीतर बहाल करने का आदेश दिया गया है, वरना बैंक को अवमानना (Contempt) की कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
कानूनी विवाद और बड़ी चुनौती\n\nYes Bank के लिए AT-1 बॉन्ड्स का पुराना मामला एक बार फिर गरमा गया है। Axis Trustee ने बैंक को नोटिस भेजकर ₹8,415 करोड़ मूल्य के उन बॉन्ड्स को तुरंत बहाल करने की मांग की है, जिन्हें मार्च 2020 के संकट के दौरान राइट-डाउन (Write-down) कर दिया गया था।\n\n### सुप्रीम कोर्ट का आदेश और डेडलाइन\n\nबॉम्बे हाई कोर्ट ने जनवरी 2023 में इन बॉन्ड्स के राइट-डाउन को अवैध करार दिया था, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी है। ट्रस्टी ने बैंक को 3 दिनों की मोहलत दी है। इस प्रक्रिया में NSDL और CDSL के रिकॉर्ड्स को अपडेट करना और BSE तथा NSE पर इन बॉन्ड्स की ट्रेडिंग दोबारा शुरू करना शामिल है।\n\n### बैंक का रुख\n\nYes Bank ने अवमानना के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता है और कानूनी नियमों के तहत अनुपालन की प्रक्रिया की समीक्षा कर रहा है। बैंक का कहना है कि वे बिना किसी देरी के कानूनी रूप से सही रास्ता अपनाएंगे। इन बॉन्ड्स पर 9% और 9.5% का कूपन रेट तय है, और निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बैंक 3 दिन की समय सीमा का पालन कर पाएगा या नहीं।